अमरिया। जंगल से निकले तेंदुओं की तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांव के आसपास आबादी क्षेत्र में चहलकदमी लगातार जारी रही है। तेंदुओं की चहलकदमी से ग्रामीणों में भारी दहशत है। सोमवार को सूचना पर पहुंचे वन कर्मियों ने पटाके दागकर जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। गुस्साएं ग्रामीणों ने वन कर्मियों को खरी खोटी सुनाई।
सोमवार को तहसील क्षेत्र के गांव रामपुर बौरख, तेराह सौ भगतनियां, ललपुरिया, सूरजपुर सहित आधा दर्जन से अधिक गांव में अलग-अलग स्थानों पर तेंदुओं की चहलकदमी देखी गई। न्यूरिया थाना क्षेत्र के गांव ललपुरिया निवासी अजविंदर सिंह ने बताया कि गांव तेराह सौ भगतनियां गांव में उनके खेत के एक किनारे पर भूसे के गूंगे लगे हैं। शाम सात बजे तेराह सौ भगतनियां के ग्रामीणों ने उन्हें खेत में गूंगों के पास दो शावकों के साथ एक तेंदुए के बैठे होने की सूचना दी। ग्रामीणों के साथ ट्रैक्टर से मौके पर पहुंचे। इस दौरान तेंदुआ अपने शावकों के साथ पड़ोस के गन्ने के खेत में चला गया। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना के बाद पहले टाइगर ट्रेकर चेतन कुमार व राजीव ढाली मौके पर पहुंचे वहां दोनों को ग्रामीणों का गुस्सा झेलना पड़ा। इसी दौरान वन विभाग के डिप्टी रेंजर देव ऋषि सक्सेना, वन दरोगा सोनी सिंह, शीलेंद्र कुमार ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर तेंदुए के पग चिह्न ट्रेस किए। ग्रामीणों को अलर्ट करते हुए गांव के आसपास पटाके चलाकर तेंदुओं को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। उधर, शाम सात बजे तेंदुआ दोबारा ललपुरिया गांव के पास दिखाई दिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तेंदुआ गन्नों के खेतों में चला गया।
गांव रामपुर बौरख व तेराह सौ भगतनियां के आस पास तेंदुए की लोकेशन मिली थी। वहां टीम को भेजा गया है। पटाखे दागकर तेंदुए को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है। केवल तेंदुए के पगमार्क मिले हैं। तेंदुए के साथ शावकों की पुष्टि नहीं हुई है। टाइगर रिजर्व के जंगल से गांव की दूरी नौ किलो मीटर है। जंगल से निकलकर तेंदुए अक्सर बाहर आते हैं और घूमकर वापस जंगल में चले जाते हैं। जब तक जानवर एक स्थान पर नहीं रुकता तब तक उसको पकड़ना मुश्किल है। - सतेंद्र कुमार चौधरी, एसडीओ सामाजिक वानिकी