पीलीभीत के पूरनपुर में अधिवक्ताओं ने एसडीएम, तहसीलदार और उनके पेशकारों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने दोनों अफसरों और उनके पेशकारों का स्थानांतरण न होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। साथ ही सोमवार से हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया गया।
शनिवार को प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन की बैठक हुई। बैठक में अधिवक्ताओं ने एसडीएम, तहसीलदार कोर्ट में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। बैठक में लिए गए निर्णय के बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सक्सेना के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर पहुंचकर एसडीएम, तहसीलदार और दोनों अफसरों के पेशकारों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
अधिवक्ताओं का कहना है कि धारा 80 की फाइलें लेखपाल और दलालों के माध्यम से ही हो रही हैं। सभी मामलों में 1349 फसली की नकलें मांगी जाती हैं जबकि कई गांवों में चकबंदी हो चुकी है। इससे 1349 फसली की नकलें मांगने का औचित्य नहीं है। पट्टेदार को पांच साल बाद भी भूमिधरी का अधिकार नहीं मिल रहा है। विवादित मुकदमों में बगैर सुविधा शुल्क वसूली के काम नहीं किया जा रहा। इससे पहले कई बार भ्रष्टाचार की जानकारी अफसरों को दी गई। डीएम को भी लिखित शिकायत की गई, मगर सुधार नहीं हुआ। भ्रष्टाचार के चलते एसडीएम, तहसीलदार कार्यालय में बगैर सुविधा शुल्क के कोई काम नहीं हो रहा है। वादकारी चक्कर काटने को मजबूर हैं। एसडीएम, तहसीलदार और दोनों अफसरों के पेशकारों का स्थानांतरण न होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सक्सेना ने बताया कि सोमवार को वकील हड़ताल पर रहेंगे। साथ ही वकीलों का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिलेगा। प्रदर्शन करने वालों में एसोसिएशन के महामंत्री सुशील सक्सेना, संजय पांडेय, उमाशंकर सक्सेना, दामोदर यादव, मोहम्मद असद खां, ओमप्रकाश यादव, युनुस खां आदि वकील शामिल रहे। उधर, एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सभी कार्य नियमानुसार हो रहे हैं।