पीलीभीत। कोराना के देशव्यापी संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से की गई अपील का असर रविवार रात नौ बजे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक देखा गया। रात को नौ बजते ही सबने अपने घरों की लाइट बंद कर दी। घरों के बाहर दरवाजे और बालकनी में आकर लोगों ने मोमबत्ती और दीये जलाकर कोरोना से जंग में एक साथ आने का उत्साह दिखाया। जो इसका इंतजाम नहीं कर सके उन्होंने टार्च या मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर सकारात्मक ऊर्जा लाने और नकारात्मक ऊर्जा भगाने के लिए एकजुटता का संदेश दिया।
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर एकजुटता का संदेश देने के लिए 21 दिन के लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री मोदी की रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घरों के बाहर दीपक, मोमबत्ती, टार्च या मोबाइल की रोशन करने की अपील का पूरा असर देखा गया। पूरे दिन लोग इसकी चर्चा करते दिखे। सुबह तीन घंटे के लिए किराना दुकानें खुलीं तो ग्राहक मोमबत्ती खरीदने पहुंचे। कोई दीये तलाशता रहा। दुकानें बंद होने से आम नागरिकों को दीये या मोमबत्ती मिलने में परेशानी हुई। मगर, फिर भी किसी न किसी तरह मोमबत्ती और दीये लोगों ने जुटा ही लिए। दूसरी ओर पावर कॉरपोरेशन की ओर से घर के अंदर बल्ब छोड़कर एक साथ बिजली के सभी उपकरण बंद न करने की अपील की गई थी। इसका भी ख्याल रखा गया। घरों में पंखे, फ्रिज समेत अन्य बिजली संचालित उपकरण चलते रहे। कई घरों में टीवी पर लोग देश भर से खबरों को देखते रहे।
रात नौ बजते ही घरों के बल्ब बंद करके बड़ी संख्या लोग बालकनी और दरवाजे पर आ गए। यहां नौ मिनट के लिए मोमबत्ती और दीये जलाए गए। पूरा शहर एक तरह से दिवालीमय हो गया। मां भगवती का स्मरण करते हुए कोरोना के अंधकार को दूर भगाने के लिए प्रार्थना की गई। इसमें एक दूसरे के बीच शारीरिक दूरी बनाए रखने का भी ध्यान रखा गया। नौ मिनट बाद लोगों ने दोबारा लाइटें जलाईं। इस तरह प्रधानमंत्री की एकजुट रखने की मुहिम पूरी होती दिखी। मोहल्ला साहूकारा, आसफजान, डोरीलाल, सुनगढ़ी, बल्लभनगर, अशोक कॉलोनी, आवास विकास समेत कई इलाके दीये और मोमबत्ती से ऐसे जगमग हो गए कि सब दिवाली मना रहे हों।
संकट की घड़ी में एकता, अखंडता और स्वास्थ्य के लिए पूरे स्वयंसेवकों ने अपने-घरों में नौ-नौ दीपक जलाए। मां भारती का पूजन कर संपूर्ण विश्व के कल्याण की कामना की है। - उमेश कुमार, जिला प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ
कोरोना वायरस के चलते प्रधानमंत्री की मुहिम से आत्मबल बढ़ा है। दीपक जलाने से हानिकारक बैक्टीरिया खत्म होते हैं। दीये की ज्योति हम सबको आरोग्य बनाने में मदद करती है। -आरपी गंगवार, शिक्षक
दीपक जलाने से वातावरण में सकारात्मकता आती है। जलती लौ जीवन में आगे बढ़ने का संदेश देती है। प्रधानमंत्री की अपील पर कोरोना को हराने के लिए एकजुटता का संकल्प लिया गया। - एनएम सक्सेना, सेवानिवृत्त शिक्षक
कोरोना को हराने के के लिए पूरा देश एकजुट हो चुका है। घर-घर में प्रधानमंत्री की मुहिम के जरिए अंधकार हटाकर दीपक का प्रकाश फैलाया गया है। निश्चित ही आने वाली परेशानी दूर होगी। - अंजलि अग्रवाल, गृहणी