फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोडवेज बसें न होने की वजह से डग्गामार वाहनों पर जोखिम भरा सफर कर रहे लोग

विज्ञापन
पीलीभीत अमरिया मार्ग में डग्गामार वाहन पर इस तरह से सफर करते हैं लोग। संवाद - फोटो : PILIBHIT
विज्ञापन
अमरिया। क्षेत्र में रोडवेज बसों के अभाव का भरपूर लाभ डग्गामार वाहन संचालक उठा रहे हैं। यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए डग्गामार वाहन दौड़ाए जा रहे हैं। पुलिस भी ऐसे वाहनों पर कार्रवाई नहीं कहती। इन वाहनों में सवारियों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जाता है। वाहनों में साइड से भी यात्री लटक कर चलते हैं। इससे दुर्घटना का भय बना रहता है।
विज्ञापन

कस्बा अमरिया से पीलीभीत जाने वाले नेशनल हाईवे पर दर्जनों डग्गामार वाहन चल रहे हैं। वाहन जिम्मेदारों के सामने होकर गुजर जाते हैं मगर कोई इन्हें रोक कर कार्रवाई नहीं करता है। कस्बे व नहर पुल चौराहे से लेकर प्रतिदिन दस-दस मिनट के अंतराल से टेंपो सवारियां भर कर पीलीभीत के लिए रवाना होते हैं। चालक जल्दी पहुंचने के चक्कर में तीव्र गति से दौड़ाते हैं। इससे कई बार दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं। अमरिया तहसील होने के बावजूद भी यहां से रोडवेज बसों का संचालन नहीं होता है। प्राइवेट बसें काफी देरी से चलती हैं। लोग जल्दी पहुंचने के चक्कर में टेंपो आदि डग्गामार वाहनों से सफर करते हैं। मार्ग पर पुलिस की मौजूदगी में भी डग्गामार वाहन संचालकों पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
बस संचालन के दावे
पीलीभीत-अमरिया मार्ग पर रोडवेज की दो बस सेवाएं 24 घंटे में हैं। इसमें एक बस सेवा सुबह सात बजे अमरिया से चलती है। अमरिया से पीलीभीत और फिर पूरनपुर जाती है। फिर वापसी में यही बस पूरनपुर से पीलीभीत और फिर अमरिया होते रुद्रपुर के लिए चलती है और अमरिया में दिन में 11.30 बजे पहुंचती है। पीलीभीत 11 बजे चलती है। रुद्रपुर से लौटते समय यही बस दोपहर बाद 4 बजे अमरिया आती है और पीलीभीत के लिए सेवा मिलती है। साढ़े पांच बजे शाम रोडवेज बस अड्डे से यही अमरिया के लिए प्रस्थान करती है। रात्रि में अमरिया में रोडवेज चलती है। पीलीभीत-दिल्ली के लिए एक बस शाम सात बजे है, जो अमरिया 7.30 बजे पहुंचती है और किच्छा होते हुए दिल्ली के लिए जाती है।
विज्ञापन

मार्ग पर बसें कम होने की बात सही है लेकिन यात्री जल्दबाजी के चक्कर में टेंपो पर सवार हो जाते हैं। बसों को जरूरत भर के यात्री नहीं मिलते। इसलिए इस मार्ग पर बस सेवाएं बढ़ाना संभव नहीं है। -वीके गंगवार, एआरएम पीलीभीत
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें