बीसलपुर। गन्ना समिति में चल रहे मेले का प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। इसलिए दो दिन में सिर्फ 12 किसान अपनी शिकायत दर्ज कराने आए। बरेली मंडल के उप गन्ना आयुक्त ने डीसीओ के साथ सोमवार की शाम गन्ना समिति और चीनी मिल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण में अव्यवस्थाएं पाए जाने पर स्थानीय अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई और तत्काल अव्यवस्थाएं दूर करने के निर्देश दिए।
बरेली मंडल के उप गन्ना आयुक्त राजीव राय ने डीसीओ जितेंद्र मिश्रा के साथ सहकारी गन्ना विकास समिति और किसान सहकारी चीनी मिल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि समिति परिसर में चल रहे गन्ना मेले में प्रचार-प्रसार न होने के कारण पिछले दो दिनों में केवल 12 किसानों ने ही शिकायतें दर्ज कराई थी।
मेला परिसर में आने वाले किसानों के बैठने के लिए कुर्सियां भी नहीं पड़ीं थीं। पेयजल का बंदोबस्त भी नहीं था। मेला परिसर में शामियाना भी नहीं था। मेले में किसान न के बराबर होने के कारण कर्मचारी फोन पर व्यस्त मिले। समिति कार्यालय के अभिलेखों का निरीक्षण करने पर पता चला कि समिति क्षेत्र के कुल 98 हजार किसानों के विपरीत अभी तक केवल 20 हजार किसानों ने घोषणा पत्र जमा किए हैं। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि समिति कार्यालय में दो कंप्यूटर तत्काल लगाए जाएं और उन्हीं कंप्यूटर के माध्यम से किसानों के घोषणा पत्र भरवाए जाएं। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर तक हर हालत में सारे घोषणा पत्र भर जाएं। उन्होंने पाई गई अव्यवस्थाओं को लेकर एससीडीआई धर्मेंद्र प्रसाद दुबे, बरखेड़ा के एससीडीआई मनोज साहू और समिति सचिव आरपी कुशवाहा से नाराजगी जताई।
चीनी मिल में मरम्मत कार्य की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश
उप गन्ना आयुक्त ने किसान सहकारी चीनी मिल के कारखाने में चल रहा मरमत कार्य देखा। निरीक्षण में स्पष्ट हुआ कि मरम्मत कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिसके कारण मरम्मत कार्य अब तक केवल 54 प्रतिशत हो पाया है। नियमानुसार अब तक मरम्मत कार्य लगभग 70 फीसदी हो जाना चाहिए। उन्होंने धीमी गति से चल रहे मरम्मत कार्य को लेकर मिल के जीएम एसएलपाल और मुख्य अभियंता जेपी गौतम से कड़ी नाराजगी जताई। नया पेराई सत्र हर हालत में नवंबर के प्रथम सप्ताह में शुरू कराने के सख्त निर्देश दिए। मरम्मत कार्य तेज करने के निर्देश भी दिए।
संगठन कार्यकर्ताओं ने किया गन्ना विभाग के विरोध में प्रदर्शन
। अव्यवस्थाओं को लेकर किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को मेला परिसर गेट पर गन्ना विभाग के अधिकारियों के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी की।
किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता गन्ना समिति परिसर में चल रहे गन्ना मेले के गेट पर जमा हुए। मेले में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर गन्ना विभाग के अधिकारियों के विरोध में प्रदर्शन कर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मेला स्थल पर किसानों के बैठने के लिए कुर्सियां नहीं डलवाईं गईं हैं। किसानों के लिए पेयजल का बंदोबस्त नहीं किया गया है। मेला परिसर मे शामियाना भी नहीं लगवाया गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि गन्ना विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने मेले के लिए आए बजट का अधिकांश हिस्सा खर्च नहीं किया। यह भी आरोप लगाया कि मेले का प्रचार-प्रसार नहीं कराया गया है जिससे अधिकांश किसान इस मेले से लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। पौन घंटे बाद प्रदर्शनकारियों ने यह चेतावनी देकर प्रदर्शन खत्म कर दिया कि यदि बुधवार को सुबह 10 बजे तक मेला स्थल पर मानक के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई तो वे लोग बुधवार को सुबह 10 बजे से मेला परिसर गेट पर बेमियादी धरना शुरू कर देंगे। आंदोलन में संगठन के मंडल संयोजक गुल्लू पहलवान, छत्रपाल गंगवार, अली शेख, संजू, प्रेमपाल, प्यारेलाल, सुरेंद्र गंगवार, मुन्नू, फईम, पप्पू, राजपाल, वीरेंद्र गंगवार, बाबू और श्यामपाल समेत काफी कार्यकर्ता शामिल थे।