राजस्थान की अन्नपूर्णा थाली की तर्ज पर प्रदेश में शुरू की जा रही किसान भोजनालय योजना का मंडी में ट्रायल शुरू हुआ। मंडी सचिव विजिन बालियान ने कूपन कटाने वाले किसानों को थाली परोस कर इसका शुभारंभ किया। पहले दिन 28 किसानों ने योजना का लाभ उठाया।
प्रदेश सरकार मंडियों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के प्रयास में जुटी है। इसके लिए मंडी मेें किसानों को तरह तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। इसी क्रम में फसल बेचने मंडी आने वाले अन्नदाताओं को कम दाम पर भोजन उपलब्ध कराने को किसान भोजनालय योजना शुरू करने की तैयारी है। राजस्थान की अन्नपूर्णा थाली की तर्ज पर शुरू हो रही इस योजना के पायलट प्रोजेक्ट के लिए पीलीभीत की मंडी को चुना गया है। योजना के तहत मंगलवार सुबह से मंडी पहुंचने वाले किसानों से भोजन के बारे में जानकारी दी जा रही है और इच्छा व्यक्त करने पर मात्र 10 रुपये का कूपन उन्हें दिया जा रहा है। दोपहर को भोजनालय में मंडी सचिव विजिन बालियान ने अपने स्टाफ के साथ पहुंचकर कूपन कटाने किसानों को थाली परोस कर पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। पहले दिन किसानों को दाल, सब्जी, रोटी व चावल के अलावा खीर भी परोसी गई। मंडी सचिव विजिन बालियान ने बताया कि पहले दिन 28 किसानों ने योजना के तहत भोजन किया।
कैंटीन संचालक ने भी किया सहयोग
किसान भोजनालय योजना में किसान को मात्र 10 रुपये खर्च करना है जबकि थाली की कीमत लगभग 50 रुपये है। इस अंतर मूल्य को मंडी स्वयं वहन करेगी। लेकिन योजना की जानकारी होने पर मंडी की कैंटीन के संचालक ने इसमें सहयोग करते हुए कीमत मेें 10 रुपये कम कर दिए हैं। अर्थात मंडी को फिलहाल 30 रुपये ही वहन करने होंगे।