पीलीभीत। दुधवा नेशनल पार्क की ओर से लौटे नेपाली हाथियों ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पीटीआर की माला रेंज में कई दिनों तक उत्पात मचाने के बाद नेपाली हाथी फिर उत्तराखंड की सुरई रेंज में चले गए। इससे हाथियों के कभी लौट आने की उम्मीद है। इसके मद्देनजर पीटीआर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व की ओर से नेपाली हाथियों ने जनपद की सीमा में प्रवेश किया था। आठ अगस्त को हाथियों ने महोफ रेंज में लालपुल के निकट खटीमा हाईवे पर डेरा जमा लिया था। कड़ी मशक्कत के बाद वनकर्मियों ने हाथियों को उत्तराखंड की सुरई रेंज की ओर खदेड़ दिया था। तीन दिन बाद हाथी फिर महोफ रेंज में लौट आए थे। इसके बाद निगरानी में जुटी वनकर्मियों की टीम ने नेपाली हाथियों को खदेड़ने की कोशिश की, लेकिन 15 अगस्त को हाथी माला रेंज में आ गए। इससे वनकर्मियों की मुश्किलें और बढ़ गई।
वनकर्मियों ने मंगलवार को हाथियों का झुंड माला रेलवे स्टेशन के निकट देखा था। इनको खदेड़ने के लिए पीटीआर प्रशासन की ओर से चार टीमें बनाई गईं। कई दिनों की मशक्कत के बाद हाथियों का झुंड फिर उत्तराखंड की सुरई रेंज में चला गया है। इससे इनके लौट आने की संभावना बनी हुई है। पीटीआर के अधिकारियों का कहना है कि यहां हाथी कभी लौट सकते है। इसको लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। जब तक हाथी नेपाल वापस नहीं जाते तब तक निगरानी जारी रहेगी। माला रेंज के रेंजर रामजी ने बताया कि हाथी सुरई रेंज में चले गए है, जो सिफ 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर है। वहां से कभी लौट आने की संभावना है। इसलिए निगरानी जारी है।