पूरनपुर। संरक्षित पशुओं के अवशेष मिलने के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण सुराग लगे हैं। मुख्य आरोपी अभी पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। उसकी तलाश में पुलिस अन्य जिलों में भी छापेमारी कर चुकी है।
भारतीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 10 अप्रैल को गांव रामपुर ताल्लुके महाराजपुर निवासी पुरुषोत्तम के खेत में संरक्षित पशु के अवशेष मिलने पर रोष व्यक्त कर हंगामा किया था। पुलिस ने पशु चिकित्सक से अवशेषों की जांच कराने के बाद उन्हें दफन करवा दिया था। मामले में पुरुषोत्तम की ओर से अज्ञात के खिलाफ गोवंश हत्या अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
12 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने असम हाईवे से गांव महादिया को जाने वाले रास्ते के समीप खेत में संरक्षित पशु के अवशेष मिलने पर फिर हंगामा किया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पशु चिकित्सक से अवशेष की जांच कराने के बाद दफन करा दिया।
इसी दिन रात को गांव खमरिया के समीप अवशेष मिलने पर फिर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया था। पुलिस ने पशु चिकित्सक से अवशेष की जांच कराने के बाद दफन करवा दिया।
इस पूरे मामले को लेकर 13 अप्रैल को गांव महादिया के समीप राष्ट्रीय बजरंग दल और अतंरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया था। संरक्षित पशुओं के अवशेष मिलने के मामले में पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण सुराग लग गए हैं।
बताते हैं कि मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस ने गैर जिले में भी छापेमारी की। मगर मुख्य आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सका। पुलिस घटनाओं के खुलासा की ओर पहुंच गई है। इंस्पेक्टर क्राइम गजेंद्र सिंह ने बताया कि शीघ्र घटना के खुलासा की कोशिश की जा रही है।