बीसलपुर। मंगलवार को डीसीओ ने एक और गन्ना सचिव ने 12 गन्ना क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। गन्ना सचिव को रढ़ैता क्रय केंद्र पर केंद्र कर्मचारियों द्वारा किसानों से 150 रुपये प्रति ट्रॉली अवैध रूप से उतराई शुल्क वसूले जाने की शिकायत मिली। सचिव ने शुल्क वसूली पर रोक लगाई और चीनी मिल अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डीसीओ जितेंद्र मिश्रा के संज्ञान में आया कि मधवापुर गन्ना केंद्र पर किसानों से केंद्र कर्मचारियों द्वारा अवैध रूप से उतराई शुल्क वसूल किया जा रहा है।
डीसीओ ने इसी शिकायत की पुष्टि के क्रम में मंगलवार को मधवापुर गन्ना क्रय केंद्र का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मिले किसानों से इस संबंध में पूछा, लेकिन किसी ने शिकायत की पुष्टि नहीं की। डीसीओ ने केंद्र प्रभारी को मानक के अनुरूप ही गन्ना खरीदने के निर्देश दिए। डीसीओ ने केंद्र प्रभारी को अनियमितता बरते जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
इधर, सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव आरपी कुशवाहा ने मंगलवार को बरसिया, रढ़ैता, नगीपुर अखौला, अ, ब, बेनीपुर, सुहेला, नौगमिया अ, ब, नगराफिजा, बढ़ारा और बेलाडांडी आदि केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। रढ़ैता केंद्र पर किसानों ने संयुक्त रूप से बताया कि केंद्र के कर्मचारी किसानों से 150 रुपये प्रति ट्रॉली के हिसाब से अवैध रूप से उतराई शुल्क वसूल करते हैं। शुल्क न देने पर उनका गन्ना नहीं तौला जाता। इस संबंध में पूछने पर केंद्र प्रभारी कोई जवाब नहीं दे पाए। सचिव ने केंद्र प्रभारी की कड़ी फटकार लगाई, वसूली पर रोक लगाई और उसी समय फोन कर संबंधित चीनी मिल के गन्नाधिकारी को इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अन्य केंद्रों पर किसानों ने दबंग किसानों का गन्ना पहले तौले जाने, की शिकायत की। सचिव ने केंद्र प्रभारियों को क्रम बार ही किसानों का गन्ना तौलने के निर्देश दिए।
सभी केंद्रों पर गन्ना भरे वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े मिले। सभी केंद्रों पर काफी गंदगी फैली थी। सचिव ने इन अव्यवस्थाओं को लेकर केंद्र प्रभारियों से कड़ी नाराजगी जताई और व्यवस्थाएं हर हालत में दुरुस्त करने के निर्देश दिए।