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Pilibhit News: वार्ड बॉय व स्टाफ नर्स के सहारे अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल

Fri, 10 Jan 2025 12:27 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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बड़ागांव ​स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन।संवाद
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पीलीभीत। बिलसंडा सीएचसी क्षेत्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव की स्वास्थ्य सेवाओं को खुद ही इलाज की दरकार है। यह अस्पताल वार्ड बॉय और स्टाफ नर्स के सहारे चल रहा है। यह दोनों कर्मचारी भी तीन-तीन ड्यूटी करते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उपचार के लिए बीसलपुर व बिलसंडा सीएचसी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
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ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए कुछ वर्ष पहले गांव बड़ागांव में पीएचसी का निर्माण कराया गया। बताते हैं कि उस समय चिकित्सक और स्टॉफ की तैनाती हुई। लोगों को सुविधा मिलनी शुरू हुई, इसी बीच चिकित्सक स्थानांतरण हो गया। तब से यह अस्पताल वार्ड बॉय और एएनएम के सहारे ही चल रहा है, जबकि रोजाना करीब 40 से 50 मरीज उपचार के लिए भी पहुंचते है। अस्पताल में महज सर्दी, खांसी, जुकाम आदि सामान्य रोगों की दवा ही दी जा रही है। मरीजों की जांचे भी नहीं हो पा रही हैं। पीएचसी की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होने से करीब 12 गांवों की दस हजार से अधिक आबादी को बिलसंडा व बीसलपुर की दौड़ लगानी पड़ रही है।


इन गांवों के लोग पहुंचते है उपचार को
क्षेत्र के गांव अंडाह, इमलिया गंगी, दमूपुरा, पकडिया बिंदुआ, न्यूरानपुर, मुडिया ताल्लुक पसगवां, सनगवां, बकैनिया दीक्षित, नौगमा नबी नगर, मुडिया भगवंत,खामघाट, परेवा, घुंघचाईया आदि गांव के मरीज इलाज के लिए पीएचसी पहुंचते है।
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स्टाफ नर्स व वार्ड बॉय संभाल रहे दो जगहों का कार्यभार
पीएचसी पर तैनात स्टाफ नर्स व वार्ड बॉय पर दो जगहों का कार्यभार है। यह दोनों कर्मचारी तीन दिन दियोरिया और तीन दिन बड़ागांव पीएचसी पर ड्यूटी करते हैं। ऐसे में एक कर्मचारी के ही जिम्मे सारी व्यवस्थाएं रहती है। इससे कामकाज भी प्रभावित होता है।

अस्पताल में स्टाफ की तैनाती जरूरी है, लेकिन जिम्मेदारों ने अब तक यहां पर चिकित्सक की स्थायी तैनाती नहीं की है। इससे पीएचसी का लाभ नहीं मिल रहा है। - ध्रुव कुमार, ग्रामीण।

सुविधा के लिए अस्पताल को बनवाया गया, लेकिन अब तक सुविधाओं के नाम पर महज खानापूर्ति की गई है। स्टाफ तैनात होने से लोगों को लाभ मिलेगा।- सुनील कुमार, ग्रामीण।

स्टाफ की काफी कमी है। व्यवस्थाओं के सुधार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। स्टाफ की तैनाती के उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है। - डाॅ. आलमगीर, सीएचसी प्रभारी,बिलसंडा।

बड़ागांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन।संवाद

बड़ागांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन।संवाद

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