पीलीभीत। शहर की इस बार 98 जगह होलिका रखी गई। इसमें चार जगह सोमवार को होलिका दहन हो गया। शेष 94 जगह मंगलवार की रात को होलिका दहन हुआ। इससे पहले होलिका स्थल को खूब सजाया गया था। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में भी होलिका दहन हुआ।
बिलसंडा। मंगलवार को दिनभर बच्चों और युवाओं की टोलियों ने होलिका के लिए लकड़ियां एकत्र कीं। युवाओं में ऊंची से ऊंची होलिका बनाने की होड़ सी रही। इसके बाद रात में होलिका दहन और पूजन के बाद फिजाओं में अबीर-गुलाल के साथ रंग बिखरने शुरू हो गए। बच्चों और युवाओं ने रात से ही होली का हुड़दंग शुरू कर दिया। जगह-जगह गली मोहल्लों में होली के गीतों पर डांस करते युवा रंगों में डूबे नजर आए।
बीसलपुर। मोहल्ला हबीबउल्लाह खां सोमाली निवासी अमन जायसवाल ने नगर के सभी 18 होलिका स्थलों पर लकड़ियां डलवाईं। उनका कहना था कि यह काम नगर पालिका प्रशासन का था। देर शाम यहां भी होली की धूम नजर आई। होलिका दहन स्थल को काफी भव्य तरीके से सजाया गया। यहां देर रात तक लोग होली के गानों पर डांस करते रहे।
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जमकर हुई गन्ने और जौ की बिक्री
होली पर सुबह पूजन के दौरान जौ का भी महत्व होता है। इसको लेकर शहर के कई स्थानों पर जौ की अस्थायी मंडी सजी रहीं। यहां पर लोग जौ के साथ गन्ने की खरीदारी करते रहे। संवाद