पीलीभीत। बरातबोझ गांव में पिछले तीन दिनों में तीन बच्चों मौत से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। दो बच्चों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य महकमा सजग नहीं हुआ और 72 घंटे बाद पांच वर्षीय लक्ष्मी की जान चली गई। अगर स्वास्थ्य महकमा सजग होता, तो लक्ष्मी की जान शायद बच जाती। अब बच्चों की मौत का कारण पता करने के लिए एक शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रविवार को सदर विधायक और अमरिया एसडीएम ने गांव का निरीक्षण कर ग्रामीणों से वार्ता की।
जहानाबाद क्षेत्र के गांव बरातबोझ निवासी वीरपाल ने बताया चार वर्षीय पुत्र नरेश की तीन नवंबर की रात तबीयत खराब बिगड़ गई थी। गांव के ही डॉक्टर को दिखाया। बाहर दिखाने की सलाह दी। इस पर जहानाबाद, अमरिया और शहर के डॉक्टरों को दिखाया। उधार पैसा लेकर उसे बरेली ले गया और वहां एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पचास हजार खर्च करने के बाद भी बच्चे को नहीं बचाया जा सका और चार नवंबर की रात अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई। इसके अलावा गांव के ही कमलेश ने बताया कि चार नवंबर की रात उनका चार वर्षीय पुत्र गोविंद अपनी मां राधा के पास सो रहा है। रात में करीब तीन बजे उसने दूध मांगा। दूध निगल नहीं पाया और बाहर निकाल दिया। रात में गांव के झोलाछाप के पास लेकर गए। डॉक्टर से बच्चे की तबीयत ठीक होना बताया, मगर बच्चे की फिर तबीयत बिगड़ गई। करीब साढे़ तीन बजे घर ही मौत हो गई। इससे अलावा छह नवंबर को वीरपाल की पुत्री लक्ष्मी की अचानक दोपहर डेढ़ बजे मौत हो गई। वीरपाल ने बताया कि लक्ष्मी नींद आने की बात कह रहीं थी। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। बच्चों की मौत का कारण पता करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लक्ष्मी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हालांकि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आने से मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
खेल भी एक साथ खेलते थे तीनों बच्चे
ग्रामीणों के मुताबिक तीनों बच्चे गांव में एक साथ ही खेलते थे। तीनों की एक साथ मौत होने से ग्रामीण भी दहशत में है। वीरपाल ने बताया कि तीनों बच्चों को पहले कोई बीमारी नहीं थी। ग्राम प्रधान कालीचरन ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी। इसके बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची थी।
ग्राम प्रधान और सदर विधायक ने की आर्थिक मदद
गांव बरातबोझ में तीन बच्चों की मौत की सूचना पर सदर विधायक संजय सिंह गंगवार और अमरिया एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने रविवार को गांव पहुंचकर ग्रामीणों से वार्ता की। पता चला की वीरपाल ने बच्चों के इलाज के लिए करीब 40 हजार का कर्ज लिया था। इस पर विधायक ने ग्राम प्रधान कालीचरन से दस हजार और खुद तीस हजार की आर्थिक मदद करने की बात कही। एसडीएम की ओर से एक माह के राशन की व्यवस्था की जाएगी।