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अब ई कवच एप बताएगा बच्चा कुपोषित है या अतिकुपोषित

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पीलीभीत। कुपोषण को खत्म करने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। अब कुपोषण की सटीक पहचान के लिए ई कवच एप लांच किया है। इसके माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग कर कुपोषण की श्रेणी का पता लगाया जाएगा। साथ ही कुपोषित बच्चों का डाटा भी ऑनलाइन पोर्टल पर ही दर्ज होगा।
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जिले में अभी तक आशा आगंनबाड़ी गांव में घर- घर जाकर ऐसे बच्चों का पता लगाती थीं, जो कुपोषित होते थे उनकी पहचान करने के लिए सब सेंटर पर लाकर उनकी लंबाई बाजू की चौड़ाई और वजन किया जाता था। यह प्रक्रिया पहले मैन्युएल होती थी। ऐसे में काफी दिक्कत आती थी। डीपीएम नाजिर अली ने बताया कि अब शासन ने कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए ई कवच एप लांच किया है। कोरोना के चलते यह लागू नहीं हो सका था। अब इसकी शुरुआत के लिए तैयारी शुरु कर दी है। इस एप से एएनएम कुपोषित बच्चों की स्क्रीनिंग करेगी। आशा आगंनबाड़ी वर्कर ऐसे बच्चे जिनमें कुपोषण के लक्षण हैं, उन्हें चिह्न्ति कर सब सेंटर लेकर पहुंचेगी। जहां एएनएम पहले उनका वजन करेंगी फिर लंबाई चौड़ाई नापेगी। इसके बाद ईकवच एप पर बच्चे की पूरी डिटेल अपलोड करेंगी। डिटेल भरने के बाद एप बच्चें की कुपोषित और अतिकुपोषित के बारे में जानकारी देगा। साथ ही यह डाटा अपने आप ही पोर्टल पर अपलोड हो जाएगा। अगर बच्चा अतिकुपोषित की श्रेणी में निकलेगा। तो इसका डाटा एनआरसी में पहुंच जाएगा। और बच्चों को वहां आशा परिवार वालों की सहमति पर बच्चें को भर्ती कराएंगी। एएनएम की ट्रेनिंग कराई जानी है। इसके बाद प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी।
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