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बिना अनुमति चूका जाने पर पांच को नोटिस

Sat, 30 Jul 2016 11:15 PM IST
पीलीभीत, अमर उजाला ब्यूरो
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एक सप्ताह पहले राजनैतिक संरक्षण प्राप्त कुछ लोग एसओ माधोटांडा के साथ चूका घूमने गए थे। चूका भ्रमण के फोटो वायरल होने के बाद जब फजीहत हुई तो अब विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। डीएफओ के निर्देश पर महोफ के प्रभारी रेंजर ने फोटो के आधार पर पांच लोगों को नोटिस जारी किया है। इस मामले में तत्कालीन एसओ माधोटांडा को नोटिस न दिया जाना सवालों के घेरे में है।
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टाइगर रिजर्व और इसमें बने चूका स्पॉट को 15 जून को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया था। इसके बावजूद कुछ राजनैतिक संरक्षण प्राप्त लोग एक सप्ताह पहले एसओ माधोटांडा दुर्गेश मिश्र की मेजबानी में चूका स्पॉट पहुंचे थे। चूका स्पॉट भ्रमण के दौरान खींचे गए फोटो उसी दिन शाम को वायरल हो गए थे। बंदी के बाद भी चूका स्पॉट की सैर करने पर इसकी शिकायत पीएमओ कार्यालय और वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से की गई थी। इसके बाद से विभाग में हड़कंप मच हुआ है। फजीहत से बचने के लिए अब विभाग ने कार्रवाई शुरू की है। पहले डीएफओ ने महोफ रेंज के प्रभारी रेंजर मोबीन आरिफ का जवाब तलब किया। इसके बाद अब डीएफओ के निर्देश पर मोबीन आरिफ ने वायरल हुए फोटो में से पांच को पहचान कर नोटिस जारी किए हैं। मोहित अग्रवाल, सौरभ पांडेय, कुशाग्र जायसवाल, राजू शर्मा के साथ गाजियाबाद निवासी जयवीर सिंह को नोटिस देकर पूछा गया है कि आखिर वे किसकी अनुमति से चूका स्पॉट गए थे। इस मामले में तत्कालीन माधोटांडा एसओ दुर्गेश मिश्र का नाम सार्वजनिक होने के बाद भी उन्हें नोटिस न दिया जाना सवालों के घेरे में है। कानून का पालन कराने का जिम्मा होने के बावजूद लोगों को जंगल ले जाने वाले एसओ पर सबसे पहले कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन विभाग इसकी हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। इस बाबत डीएफओ कैलाश प्रकाश से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। प्रभारी रेंजर मोबीन आरिफ का कहना है कि नोटिस का जवाब मिलने पर बाकी लोगों को चिन्हित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिना मिलीभगत के कैसे खुला गेट-4
पीलीभीत। टाइगर रिजर्व में प्रवेश के लिए चार गेट बनाए गए हैं। इसमें गेट नंबर-4 चूका स्पॉट का है। इस गेट पर भी अन्य गेटों की तरह दो कर्मचारी तैनात रहते हैं। गेट पर ताला लगा रहता है। अब सवाल यह है कि बिना विभागीय मिलीभगत के गाड़ियां चूका में अंदर दाखिल कैसे हो गईं। यदि ये लोग ताला तोड़कर अथवा जबरन दाखिल हुए तो गेट पर तैनात कर्मचारी ने शिकायत दर्ज क्यों दर्ज नहीं कराई।
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