पीलीभीत। पीटीआर घूमने आए गुजरात के पर्यटकों से धोखाधड़ी और अवैध वसूली की गई। आरोप है कि खुद को ड्राइवर और टूर एजेंट बताने वाले एक व्यक्ति ने तीन रात के फार्म स्टे और पांच सफारी राउंड के नाम पर 35 हजार रुपये लिए। इसके बाद अतिरिक्त रुपये की मांग की गई।शिकायत मिलने पर पीटीआर प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
नई दिल्ली निवासी अभिनव विश्वास ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ मनीष सिंह को भेजी शिकायत में बताया कि गुजरात से आए उनके दो अतिथियों के लिए गुरविंदर सिंह नामक व्यक्ति के माध्यम से तीन रात के फार्म स्टे और पांच राउंड सफारी की व्यवस्था कराई गई थी। इसके एवज में पर्यटकों ने ऑनलाइन माध्यम से 35 हजार रुपये का भुगतान भी किया।
शिकायत के मुताबिक, दो सफारी पूरी होने के बाद उसने पर्यटकों से अतिरिक्त रकम की मांग शुरू कर दी। जब पर्यटकों ने भुगतान की आधिकारिक रसीद मांगी तो उसने कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया। आरोप है कि उसने दावा किया कि पीटीआर में वाहन उपलब्ध नहीं हैं और सफारी वाहन की व्यवस्था के लिए उसे अंडर टेबल सेटिंग करनी पड़ती है। इसी आधार पर प्रत्येक सफारी के लिए पांच हजार रुपये अतिरिक्त देने का दबाव बनाया गया।
पर्यटकों के लगातार आग्रह के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर एक रसीद भेजी। सफारी के दौरान कैमरा शुल्क के नाम पर पांच हजार रुपये नकद लेने और उसकी कोई वैध रसीद न देने का भी आरोप लगाया गया है। इधर, टाइगर रिजर्व प्रशासन ने स्पष्ट किया कि टाइगर रिजर्व के अंतर्गत कोई भी निजी ट्रैवल या टूर एजेंट पंजीकृत नहीं है। पर्यटक स्वयं अपनी टिकट और सफारी बुकिंग कर सकते हैं। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत तथ्यों का संज्ञान लेते हुए एसपी को उचित कानूनी कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है। संवाद