पुलिस ने पीड़िता के समर्थन में जिन लोगों के बयान दर्ज किए थे, उन्हें अदालत नहीं ला सकी। इसके अलावा कमजोर विवेचना का भी आरोपी को लाभ मिला। ऐसे में खुद पुलिस अपने साक्ष्यों को अदालत में साबित नहीं कर सकी। इस मामले में जिला शासकीय अधिवक्ता का कहना है कि सरकार इस मामले में अब उच्च न्यायालय में अपील की जाएगी।
पीड़िता का परिवार बोला- हार नहीं मानेंगे
फैसला आने के बाद पीड़ित छात्रा का परिवार गुमसुम है। थाने से लेकर कोर्ट कचहरी तक पीड़िता के साथ रहने वाली व उसे हिम्मत बंधाने वाली चाची ने कहा कि हम हार नहीं मानेंगे। पीड़िता इंसाफ के लिए थाने से लेकर कोर्ट कचहरी तक गई।
उन पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया, परेशान किया गया, लेकिन वे टूटे नहीं। परिवार ने अभी हिम्मत नहीं हारी है। परिवार भी मुकदमे में सजा न होने के पीछे पुलिस की कमजोर विवेचना को दोषी मान रहा है। उनका कहना है कि गवाहों को अदालत तक ले जाना व बयान करवाना पुलिस का काम है, मगर ऐसा नहीं हो सका।