बाजार भाव अधिक होने से सरकारी खरीद सुस्त
खुले बाजार में गेहूं के दामों तेजी होने के कारण सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं हो पा रही है। वहीं मंडी में आवक लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को साप्ताहिक बंदी के बाद भी 12 हजार क्विंटल गेहूं आढ़तों पर खरीद गया। वहीं जिले मेें सरकारी खरीद का आंकड़ा मात्र 22 सौ मीट्रिक टन ही पहुंच सका है।
बीज निर्माताओं द्वारा खुलेआम खरीद किए जाने से जिले में खुले बाजार में गेहूं के अच्छे दाम मिल रहे हैं। समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिलने के कारण सरकारी क्रय केंद्रों की ओर रूख नहीं कर रहे हैं। इससे सरकारी खरीद का आंकड़ा काफी धीमी गति से बढ़ रहा है। पहली अप्रैल से अब तक 2174.30 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सका है। वहीं दूसरी ओर आढ़तों पर गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को शहर में साप्ताहिक बंदी के बाद भी 12 हजार क्विंटल की आवक मंडी समिति में दर्ज की गई। इसकी बिक्री 1430 से 1560 रुपये प्रति क्विंटल तक रही। मंडी सचिव मनीष सिंह ने बताया कि मंडी में अच्छी आवक हो रही है नवरात्र के बाद इसमें और इजाफा होने की उम्मीद है।