पीलीभीत। बिजली निगम आम उपभोक्ताओं के लिए तो एकमुश्त समाधान योजना के तहत छूट का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहा है मगर, सरकारी महकमों को योजना के फायदे नहीं बता पा रहे।
यह स्थिति तब है जब सरकारी विभाग बिजली बिल के सबसे बड़े बकायेदारों में शामिल हैं। पालिका, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई वर्षों से बिल जमा नहीं किया गया है। इनका कनेक्शन भी नहीं काटा जा रहा।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पीलीभीत नगर पालिका की ओर से दो सालों से बिल नहीं चुकाया गया है। पालिका पर आठ लाख रुपये से ज्यादा का बकाया है। पुलिस लाइन में बिजली बिल के करीब 12 लाख रुपये बकाया है। जिला अस्पताल में 10 लाख रुपये की बिजली का इस्तेमाल करने के बाद भी अब तक बिल नहीं चुकाया गया है।
बिजली निगम की ओर से बकायेदारों के खिलाफ कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई की जाती है। हर माह कम से कम 25 से 30 कनेक्शन बकायेदारी की वजह से कटते हैं। बावजूद निगम सरकारी विभागों पर कार्रवाई नहीं कर रहा। निगम सिर्फ नोटिस देकर खानापूरी कर रहा है।
एकमुश्त समाधान योजना के तहत अगर यह विभाग बिल जमा करें तो इन्हें कई हजार के सरचार्ज से छूट मिलेगी।