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Pilibhit News: स्वच्छता अभियान के साथ गोमती दर्शन यात्रा का आगाज, पदयात्रा आज

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गोमती उद्गम स्थल की झील की सफाई करते संस्था के लोग स्रोत स्वयं - फोटो : Amar Ujala
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पीलीभीत/ माधोटांडा। आदि गंगा गोमती को साफ-स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने की मुहिम गोमती दर्शन यात्रा का शनिवार को स्वच्छता अभियान के साथ आगाज हो गया। संस्था पदाधिकारियों और समाज सेवियों ने श्रमदान कर गोमती उद्गम स्थल की फुलहर झील को साफ किया। वन मंत्री अरुण सक्सेना, डीएम ज्ञानेंद्र सिंह, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, संस्था अध्यक्ष श्वेता सिंह, संयोजक अनुराग पांडेय व महामंडलेश्वर शिवानंद ने मां गोमती की पूजा-अर्चना की। अब रविवार को पदयात्रा की शुरुआत होगी। पहले दिन पदयात्रा पीलीभीत से शाहजहांपुर पहुंचेगी।
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संस्था के पदाधिकारियों और समाजसेवियों ने सुबह 5:30 से सात बजे तक स्वच्छता अभियान चलाया। 8:30 बजे उद्गम स्थल पहुंचे वन मंत्री अरुण सक्सेना ने मंदिर में दर्शन-पूजन किया और गोमती के अविरल प्रवाह में आने वाली अड़चनों के बारे में जानकारी ली। गोमती ट्रस्ट के सदस्य राममूर्ति सिंह व निर्भय सिंह ने उद्गम स्थल के महत्व, झील में रहने वाले कछुओं और अन्य जीवों की जानकारी दी। पानी के प्रवाह की स्थिति भी बताई। संस्था अध्यक्ष और संयोजक ने भी अभियान के बारे में बताया। इसके बाद वन मंत्री, डीएम, विधायक, संस्था पदाधिकारियों ने विधि-विधान से मां गोमती की पूजा की।
वन मंत्री अरुण सक्सेना ने डीएम और शारदा सागर खंड के एक्सईएन को गोमती के अविरल प्रवाह के लिए उचित प्रबंध करने को कहा। उन्होंने कहा कि गोमती के किनारे पर पौधारोपण कराया जाए। नदी की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। गोमती में गिरने वाले नालों, सीवेज एवं औद्योगिक अपशिष्ट पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दिया है।
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गोमती के महत्व पर चर्चा
शाम के समय उद्गम स्थल परिसर में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें गोमती के महत्व पर चर्चा हुई। गोमती की धारा को अविरल करने, गोमती से जुड़ी झील-तालाब एवं वेटलैंड के संरक्षण की बात कही गई। मनरेगा के माध्यम से सफाई कराकर जल भरवाने, सहायक नदियों के संरक्षण पर भी बात हुई। संस्था के पदाधिकारियों ने इस संबंध में वन मंत्री को ज्ञापन भी दिया है।

पदयात्रा आज से, पांच अप्रैल को लखनऊ में समापन
संस्था अध्यक्ष श्वेता सिंह व संयोजक अनुराग पांडेय ने बताया कि गोमती दर्शन यात्रा की पदयात्रा रविवार सुबह से शुरू होगी। संस्था पदाधिकारी व समाजसेवी शाम को शाहजहांपुर में विश्राम करेंगे। 30 मार्च को शाहजहांपुर में कार्यक्रम होगा। 31 को पदयात्रा लखीमपुर जिले में प्रवेश करेगी। एक अप्रैल को लखीमपुर में कार्यक्रम होगा। दो अप्रैल को पदयात्रा सीतापुर जिले में विश्राम करेगी। तीन अप्रैल को नैमिषारण्य में भवन कार्यक्रम के बाद यात्रा चार को लखनऊ पहुंचेगी। पांच अप्रैल को समापन होगा। संवाद
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गोमती उद्गम स्थल से जंगल सफारी के संचालन को दिया ज्ञापन

माधोटांडा। माधोटांडा निवासी गोमती ट्रस्ट के सदस्य निर्भय सिंह ने शनिवार को उद्गम स्थल पर पहुंचे वन राज्यमंत्री अरुण कुमार सक्सेना को ज्ञापन दिया। इसमें कहा कि उद्गम स्थल से सटे इलाके में पीटीआर का पर्यटन क्षेत्र है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उद्गम स्थल से जंगल सफारी का संचालन होना जरूरी है। वन राज्यमंत्री ने डीएफओ को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। संवाद

गोमती उद्गम स्थल की झील की सफाई करते संस्था के लोग स्रोत स्वयं- फोटो : Amar Ujala

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