पूरनपुर। सकारात्मक सोच के साथ स्वयं को सक्षम बनाएं और कामयाबी पाएं। नकारात्मक सोच सफलता में रुकावट डालती है। नारी कभी पुरुषों से पीछे नहीं रही है। इतिहास इसका गवाह है। समस्या आने पर परेशान न हों। यह कहना है स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया पांडेय का
अमर उजाला अपराजिता-100 मिलियन स्माइल कार्यक्रम के तहत सोमवार को श्रीसाईं गर्ल्स डिग्री कॉलेज में उन्होंने कहा कि नारी समाज की दिशा बदलने में सक्षम हैं। बेटियों को स्वयं सक्षम बनकर सफलता हासिल करनी है। प्रवक्ता अंशिका सक्सेना ने कहा कि कामयाबी, हक के लिए मन में दृढ़ संकल्प की जररूत है। महिलाएं निर्बल नहीं हैं। विवेकशील हैं। तब अपराजिता है। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्रवक्ता सुद्धे जौहरी, नीलोफर, शालिनी दीक्षित, शोहवा, मौसमी गुप्ता, शीतल राय ने विचार रखे। प्रधानाचार्य तौसीफ अहमद ने संबोधन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। संचालन डॉ. जेनिफर पैट्रिक ने किया। कार्यक्रम में डीएलएड, बीएससी, बीए की छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हूं। समाज का भी नजरिया बदल रहा है। - आरजू आगाज
सशक्तीकरण की पहल घर से होनी चाहिए। बेटियों को भी स्वतंत्र जीवन जीने का अधिकार है। - रिचा शुक्ला
नारी स्वयं में शक्तिशाली है। शिक्षित होने पर अपने को और भी सशक्त बनाया जा सकता है। - कामना
खुद में विश्वास रखने से हर जगह कामयाबी मिलती है। चाहे सफलता प्राप्त करने की बात हो या फिर गलत बात का विरोध की बात हो। - मारिया नूरी
शोषण पर कभी शांत नहीं बैठ जाना चाहिए। बल्कि उसके खिलाफ मोर्चा खोलकर आगे बढ़ना चाहिए। - शिमोन मिश्रा
अपने हुनर को पहचान कर उसे और विकसित करना है। हिंसा पर चुप न रहकर आवाज उठानी चाहिए। - शिफा फातिया
समाज में बेटियों से ही रिश्ते बनते हैं। बेटी किसी की मां, बहन, बहू होती है। बेटियों के बगैर रिश्ते नहीं हो सकते। - खुशनूर खानम
अक्सर महिलाओं का शोषण होता है। इसका विरोध करना जरूरी है। विरोध न होने पर शोषण और बढ़ता रहता है। - साहिबा
बेटियों को सुरक्षित रहने के लिए खुद जागरूक रहना चाहिए। घटना के आभास पर ही विरोध करें। घटनाओं को रोका जा सकता है। - प्रांजलिका