ईसाई युवक सुमित से सनातनी बनकर विवाह करने वाली युवती बुधवार को कोर्ट में पेश हुई। इसी बीच युवती के परिवार वालों को भनक लग गई और वे कचहरी पहुंच गए। युवती जब बयान देकर निकली तो परिवार वालों ने उसे घेर लिया। युवती परिजन संग जाने के लिए राजी नहीं हुई। युवती ने सुमित के पक्ष में बयान दिया। इसके बाद पुलिस उसे अपनी सुरक्षा में युवती के बताए स्थान पर सुमित के पास ही छोड़ आई।
पूरनपुर के जटपुरा के ईसाई युवक सुमित ने जहानाबाद क्षेत्र के एक गांव की मुस्लिम युवती से सनातनी बनकर 29 मार्च को बरेली के एक मंदिर में विवाह किया था। बरेली के आर्य समाज में 30 मार्च को विवाह का पंजीकरण कराया था। इसके बाद युवती के पिता ने सुमित के खिलाफ धोखाधड़ी और अपहरण की जहानाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों को खोजने की कोशिश की लेकिन दोनों का पता नहीं लगा। फोन भी बंद थे। इसके बाद पुलिस ने उन लोगों से संपर्क किया जिन्होने युवती से विवाह कराया था। तब बुधवार को युवती आई।
जहानाबाद पुलिस युवती के बयान कराने के लिए पीलीभीत कोर्ट में लेकर पहुंची। युवती के कोर्ट पहुंचने की सूचना किसी तरह से उसके परिवार वालों को मिल गई। इस पर परिवार के लोग कचहरी पहुंच गए। युवती कोर्ट में बयान देकर बाहर आई, तो उसके परिवार वालों ने उसे घेर लिया और उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगे।
इसकी सूचना सुनगढ़ी और कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना पर सुनगढ़ी, कोतवाली पुलिस कचहरी पहुंच गई और परिवार के हस्तक्षेप को रोका। बाद में पुलिस ने युवती के कहे स्थान पर उसे छोड़ दिया। एसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि युवती ने कोर्ट में खुद को बालिग बताया है। अपनी मर्जी से विवाह करने की बात कही है। वह अपने पति के साथ रहना चाहती थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश से युवती को उसके बताए स्थान पर छोड़ा गया है।