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Pilibhit News: मूल प्रमाणपत्र लेकर धोखे से तैयार किए दस्तावेज, लाखों वसूले, धमकाया भी

Thu, 20 Feb 2025 02:11 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पूरनपुर। फर्जीवाड़ा करने वालों ने विदेश जाने का सपना संजाेए युवकों के मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र लेकर धोखे से फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बदले में लाखों रुपये वसूले और धमकाया भी। बुधवार को पुलिस में दर्ज की गईं शिकायतों में कुछ ऐसे ही मामले सामने आए हैं।
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शुरुआती भंडाफोड़ में जेल भेजे गए जुपिटर व वैलकिन आइलेट सेंटर संचालकों के खिलाफ दो युवकों ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उनसे धोखे से असली शैक्षिक प्रमाणपत्र लिए गए और फर्जी शैक्षिक अभिलेख तैयार करवाकर फाइल बना ली। एक युवक से दो सादे चेक और पासपोर्ट भी ले लिया गया।
मोहल्ला साहूकारा लाइनपार निवासी प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि माधोटांडा रेलवे क्राॅसिंग के पास उनकी चाय की दुकान है। अंग्रेजी माध्यम स्कूल से हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा पास करने के बाद वह बेटे मयंक शर्मा को विदेश भेजना चाहते थे। वैलकिन आइलेट सेंटर पहुंचकर उन्होंने हरसिमरन सिंह संधू से बात की। उसने मयंक को 13.10 लाख रुपये लेकर इंग्लैंड भेजने की बात कही।
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हरसिमरन ने मयंक की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की मार्कशीट की मूलप्रति, दो सादे चेक और पासपोर्ट की मूल प्रति जमा करा ली। पुत्र के विदेश पहुंचने पर रुपया देना तय हुआ। आरोप है कि हरसिमरन ने मयंक का हाईस्कूल और इंटर का फर्जी अंकपत्र तैयार कर उसे विदेश भिजवाने की फाइल बनवा ली। धोखाधड़ी का पता चलने पर उसने विरोध किया। आरोपी ने पुत्र के शैक्षिक अभिलेख, पासपोर्ट, सादे चेक वापस नहीं किए। पुलिस ने केस दर्ज किया है।
सात लाख ठगे, बनवाए फर्जी अभिलेख
शाहजहांपुर के थाना पुवायां के दुयोरिया निवासी सोनू वर्मा ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने हाईस्कूल बंडा और 12वीं की पढ़ाई गुरुनानक इंटर कॉलेज गदाई सांडा शाहजहांपुर से की थी। कॉलेज के समीप ही सतकार सिंह चंदी का घर है। सतकार पहले पूरनपुर में जुपिटर आइलेट सेंटर पर काम करने वाले कुलवंत और मलकीत के साथ लोगों को विदेश भेजने का काम करता था।
विदेश जाने के लिए उन्होंने हाईस्कूल और इंटर का अंकपत्र सतकार सिंह को दिया था। 10 लाख रुपये में विदेश भिजवाने का सौदा तय हुआ। सतकार ने दिए गए अंकपत्र पर फर्जी अंकपत्र बनवाकर फाइल तैयार करा दी। सोनू ने फर्जी अभिलेख का विरोध किया। इसके बाद जुपिटर आइलेट सेंटर के संचालक कुलवंत और मलकीत से संपर्क किया। इन दोनों ने फीस के नाम पर उनसे 6.57 लाख रुपये और बीमा के नाम पर तीन लाख रुपये जमा कराए। पचास हजार रुपये अलग से लिए। बाद में दोनों ने फर्जी अभिलेखों पर उसकी विदेश जाने की फाइल तैयार करा दी।
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रूस भेजने के नाम पर ठगे 1.20 लाख, रुपये मांगने पर की मारपीट
- आइलेट संचालक की ठगी का शिकार हुए दो लोगों ने सदर कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। विदेश भेजने के नाम पर एक अन्य आइलेट संचालक ने दो युवकों से 1.20 लाख रुपये ठग लिए। वापस मांगने पर मारपीट की और जबरन स्टांप पर हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया। सदर कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
बीसलपुर के मोहल्ला हबीबुल्ला खां निवासी समीर पुत्र अनीस अहमद ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि थाना अमरिया क्षेत्र के ग्राम गायबोझ निवासी नावेद मलिक का मोहल्ला भूरे खां में एसआर ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से आइलेट सेंटर है। नावेद ने रूस में पैकिंग हेल्प कार्य करने के लिये नौकरी लगवाने का झांसा दिया। कहा कि, एक व्यक्ति को रुस भेजने का खर्च डेढ़ लाख आएगा। वीजा आदि दस्तावेज खुद तैयार करवाकर देने की बात कही। आधे रुपये पहले मांगे और आधे वीजा आने के बाद देने के लिए कहा।
इस पर समीर ने नावेद को 45 हजार यूपीआई से और 25 हजार रुपये नकद दिए। उनके पड़ोसी अजीम खां ने भी नावेद को 50 हजार रुपये दिए। काफी समय बीतने पर भी न तो उसे वीजा दिया और न ही विदेश भेजा गया। दबाव बनाने पर आरोपी ने रुपये वापस कर देने की बात कही। काफी चक्कर लगवाने के बाद 50 हजार रुपये का चेक आरोपी ने दिया, जो बाउंस हो गया। अजीम को भी 30 हजार रुपये का चेक दिया गया।
आरोप है कि इसके बाद नावेद ने उन्हें पीलीभीत कार्यालय बुलाया। पहुंचने पर उन लोगों से चेक मांगे। चेक न देने पर उन्हें और अजीम से गाली-गलौज कर भगा दिया। पीड़ित ने बताया कि कार्यालय से निकलकर वह और अजीम नेहरू पार्क वाले रास्ते से ठेका चौकी की ओर जा रहे थे। तभी पीछे से नावेद व उसका एक अज्ञात साथी वहां आ गए और रोककर दोनों से मारपीट की। स्टांप पेपर पर जबरन हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली राजीव कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
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एसओजी ने पूरनपुर में फिर जमाया डेरा, आइलेट सेंटर संचालकों से पूछताछ
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। फर्जी दस्तावेज बनाने और विदेश भेजने के नाम पर ठगी के मामले में सात आरोपियों के जेल जाने के बाद अन्य आइलेट संचालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ी हुई हैं। एसओजी ने बुधवार को फिर संदिग्ध आइलेट सेंटर संचालकों को कोतवाली बुलाकर पूछताछ की। मोबाइल फोन और लैपटॉप भी कब्जे में लिए गए हैं।
सात आइलेट सेंटर संंचालकों के जेल जाने पर नगर के अधिकांश आइलेट सेंटर पर ताले लटक गए हैं। तीन संचालक सेंटरों से अपना सामान भरकर ले गए। कुछ संचालक रुपये लेने के बाद भी युवकों को विदेश नहीं भेज पाए।
अब यह लोग युवकों से संपर्क कर उनके रुपये वापस करने की कोशिश में जुटे हैं, ताकि जांच में शिकायत पर उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज न हो। जांच में फंसने के डर से पूछताछ में कुछ आइलेट सेंटर संचालक पहले ही विदेश भेजने का काम छोड़ने की जानकारी पुलिस, एसओजी को दे रहे हैं।
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