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रुपये दोगुना करने के नाम पर तीन लाख की ठगी, रिपोर्ट

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पीलीभीत। गांव रुपपुर निवासी पति पत्नी से सवा दो लाख और अमरिया के गांव सरदपुर निवासी एक व्यक्ति से 72 हजार रुपये गांव रुपपुर निवासी भागीरथ ने रुपये दोगुना करने के नाम पर ठग लिए। पुलिस ने पीड़ितों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के गांव रुपपुर निवासी कलावती ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि गांव के ही भागीरथ ने खुद की कंपनी बताई थी। कहा कि गांधी स्टेडियम रोड स्थित एमएचए प्रॉपटी इंडिया लिमिटेड कंपनी के नाम से कार्यालय है। जिसका वह खुद मालिक है। पांच साल तीन माह में रकम को दोगुना करके भुगतान किया जाता है। समयावधि पूरी होने पर बिना दिक्कत के पैसा वापस कर दिया जाता है। विश्वास कर एक 50 हजार और दूसरी बार में एक लाख जमा कर पॉलिसी बांड दिया था। जबकि पति होरी के नाम से 79200 रुपये जमाकर पॉलिसी बांड दिया। समय पूरा होने पर भुगतान के लिए आरोपी से कहा, तो उसने कहा कि रुपये प्लॉट विकसित करने में लग गया है। कुछ दिन बाद रुपये वापस कर दिए जाएंगे। काफी दिन इंतजार करने के बाद जब कार्यालय में भुगतान को लेकर गए, तो वहां ताले लगे हुए थे। आसपास जानकारी करने पर पता चला कि वह लोगों करोड़ों रुपये ठग कर भाग गए हैं।
आरोपी के घर गए, तो उसने गाली गलौज करते हुए रुपये वापस करने से मना कर दिया। दोबारा मांगने पर जाने से मारने की धमकी दी। 4,58,200 रुपये ब्याज सहित बने। थाने रिपोर्ट दर्ज कराने गए, तो पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इस पर कोर्ट की शरण ली।
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इधर, अमरिया के गांव सदरपुर निवासी अंगनलाल ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराई रिपोर्ट मेें कहा कि रुपपुर निवासी भागीरथ वर्मा ने अपनी कंपनी में रकम दोगुना करने के नाम पर 2012 में 72 हजार रुपये लिए थे। जरूरी कागजात में अंगूठा और हस्ताक्षर भी कराए थे। मगर उसने 57 हजार का पॉलिसी बांड दिया था। छह साल बाद समय पूरा होने के बाद 2018 में कार्यालय पहुंचे, तो वहां ताले लटके हुए थे। जानकारी करने पर पता चला की बड़ी संख्या में लोगों के साथ ठगी करने के बाद कंपनी बंद कर आरोपी भाग गए हैं। जब आरोपी भागीरथ के घर पहुंचे, तो उसने कहा कि जमीन बेंचकर रुपये वापस कर देंगे। 15 दिन बाद फिर से भुगतान को कहा गया, तो गालियां देते हुए भुगतान करने से मना कर दिया। दोबारा मांगने पर पीड़ित के ही प्लॉट पर जबरदस्ती कब्जा कराने और जान से मरवाने की धमकी दी। पीड़ित ने खुद की जान को खतरा बताते हुए थाने में तहरीर दी, मगर पुलिस ने सुनवाई नहीं की। इस पर न्यायालय की शरण ली गई। पुलिस ने दोनों मामलों की रिपोर्ट दर्ज की जांच शुरू कर दी है।
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