घुंघचाई में खंभे पर बिजली फाल्ट सही करता कर्मचारी। संवाद
घुंघचाई। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। लाइन फाॅल्ट बढ़ने से बिजली संकट और गहरा गया। उपकेंद्र से जुड़े गांवों को मंगलवार की रात सिर्फ तीन घंटे ही बिजली मिली। इससे 50 हजार बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी। घुंघचाई बिजली उपकेंद्र से घुंघचाई, दिलावरपुर, कसगंजा, नरायनपुर, सिमरिया, कालाबोझ, गुलडिया भूपसिंह, कैशोपुर, लुकटिहाई, मोहब्बतपुर आदि गांवों को बिजली दी जा रही है। लगभग 50 हजार से अधिक आबादी को इन दिनों बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति की स्थिति खराब बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार की शाम से ही बिजली की आंख मिचौली शुरू हो गई। बिजली कुछ देर आती और फिर अचानक चली जाती। कई बार तो स्थिति यह रही कि कटौती के बाद तीन-तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
भीषण गर्मी में बिजली न मिलने से पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद पड़े रहे। बुजुर्गों और बीमार लोगों को रातभर गर्मी से जूझना पड़ा। कई परिवार घरों से बाहर निकलकर खुले में बैठने को मजबूर हो गए। गांवों में जगह-जगह लोग हाथ के पंखों से हवा करते नजर आए। ग्रामीण इलाकों में रात्रि को एक-दो घंटे ही बिजली मिल रही है। लोगों का कहना है कि शिकायत करने के बाद भी अधिकारी तकनीकी खराबी का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचते नजर आते हैं। किसानों को भी बिजली संकट से परेशानी झेलनी पड़ रही है। रात में सिंचाई के लिए नलकूप नहीं चल पाए।
घुंघचाई के राधेश्याम, गंगाचरन आदि उपभोक्ताओं का कहना है कि मंगलवार की रात सिर्फ तीन घंटे बिजली मिल सकी। संवाद