पूरनपुर। धान खरीद में वजन, नमी और प्रति एकड़ पर फसल निर्धारण के विरोध में किसानों ने मंडी समिति में धरना देकर छह घंटे तक प्रदर्शन किया। शाम चार बजे मंडी के एक केंद्र पर बिक्री को आए धान को मानक के अनुरूप न होना बताने पर किसान भड़क गए। आक्रोशित किसानों ने मंडी समिति के बाहर खटीमा हाईवे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
धान खरीद में होने वाली समस्याओं को लेकर किसानों ने पूर्व में एसडीएम को ज्ञापन देकर समस्याओं के समाधान की मांग की थी। बृहस्पतिवार को किसान नेताओं और एसडीएम, सीओ के मध्य समस्याओं को लेकर वार्ता हुई। मगर घंटों चली वार्ता में कोई परिणाम न निलने पर किसान नेताओं ने शुक्रवार को मंडी समिति में पंचायत करने का निर्णय लिया था। शुक्रवार को मंडी समिति में सुबह 10 बजे पहुंचे किसानों ने सांकेतिक धरना देकर प्रदर्शन किया। शाम चार बजे तक धरना प्रदर्शन जारी रहा। तय हुआ कि समस्याओं का अगर शीघ्र समाधान नहीं हुआ। तब शीघ्र ही माधोटांडा रेलवे क्रॉसिंग पर जाम लगाकर बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। इस दौरान मंडी समिति के आरएफसी खरीद केंद्र पर गांव पिपरिया मझरा निवासी किसान कुलवंत का धान मानक के अनुरूप न होने की जानकारी देकर तौलने से मना कर दिया गया। इसकी जानकारी पर किसान भड़क गए। किसानों ने मंडी गेट पर खटीमा हाईवे पर जाम लगाकर धरना शुरू कर प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर हुई सभा में कहा गया कि सरकार की मंशा धान खरीद करने की नहीं है। यही वजह है कि धान खरीद में तमाम नए नियम लागू किए गए हैं। इस सबको किसान बर्दास्त नहीं करेगा। फेल किया गया धान जब तक नहीं तौला जाता धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। शाम छह बजे हुई तेज बरसात के बाद भी प्रदर्शनकारी मौके पर जुटे रहे। देर रात तक प्रदर्शन जारी था। इस दौरान अफसर मनाते रहे।
प्रदर्शन में रखी गई मांगें
- धान खरीद में एक दिन में एक किसान से 50 क्विंटल धान खरीद की बाध्यता समाप्त की जाए।
- धान में नमी की मात्र 17 से बढ़ाकर 19 तक की जाए।
- प्रति एकड़ 22 क्विंटल धान का उत्पादन के अनुसार खरीद न कर 30 क्विंटल पैदावार होना मानकर की जाए।
- पराली जलाने से प्रतिबंध हटाया जाए। प्रतिबंध न हटने की दशा में किसान को दो हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए या मनरेगा मजदूरों से किसानों के खेतों से पराली हटवाई जाए।
किसानों की लड़ाई को बनाया गया पूरनपुर किसान मोर्चा
पूरनपुर। भाकियू, अन्नदाता किसान यूनियन, किसान मजदूर संगठन सहित कई संगठन है। जो किसानों की समस्याओं को आगे आते है। धरना प्रदर्शन के दौरान गुटबाजी आदि को लेकर क्षेत्र के किसानों ने पूरनपुर किसान मोर्चा बनाया है। इसमें सभी संगठनों के किसान शामिल है। किसान मजदूर संगठन के गुरप्रीत सिंह ने बताया कि इसमें कोई पदाधिकारी नहीं है।
किसानों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को हुआ धरना प्रदर्शन शुक्रवार शाम चार बजे समाप्त हो गया था। तय हुआ था कि अगर किसानों की समस्याओं पर शीघ्र समाधान नहीं होता। तब शीघ्र ही माधोटांडा रेलवे क्रासिंग पर जाम लगाकर बेमियादी धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। मगर इस दौरान किसान कुलवंत सिंह को मानक के अनुरूप धान होने के बाद फेल कर दिया गया। इस पर खटीमा हाईवे को जाम कर धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। धान न तुलने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
- मनप्रीत सिंह, जिलाध्यक्ष अन्नदाता किसान यूनियन
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पहले दिन आए किसान का धान मानक के अनुरूप न होने पर खरीद केंद्र प्रभारी ने तुलवाने से इनकार कर दिया। इस पर किसानों ने जाम लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू किया। जो धान मानक के अनुरूप नहीं होगा। उसकी जांच कराने को कमेटी रहती है। कमेटी में एएमओ, खरीद केंद्र प्रभारी, मंडी सचिव और दो जागरुक किसान रहते हैं। जांच टीम 48 घंटे के बाद अपना पक्ष देती है। मगर आक्रोशित किसान धान तुलवाने की मांग कर रहे हैं। कमेटी सदस्यों को बुलाया गया है। धान की जांच कराई जाएगी।
- रामस्वरूप, एसडीएम