पीलीभीत। साठा धान की रोपाई पर लगा प्रतिबंध हटाने के लिए किसान मंगलवार को सड़क पर उतरे। भाकियू (चढ़ूनी गुट) के बैनर तले सैकड़ों किसान नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट के आवासीय गेट पहुुंचे।
यहां धरना-प्रदर्शन के बाद एक ज्ञापन जिला कृषि अधिकारी को सौंपा गया। मांग पूरा न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
संगठन के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह कहलो के नेतृत्व में सैकड़ों किसान टनकपुर हाईवे पर स्थित बनकटी चौकी के निकट एकत्र हुए। किसानों की संख्या को देख पुलिस सतर्क थी।
शहर कोतवाल राजीव कुमार सिंह व अन्य पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में किसानों ने कलक्ट्रेट तक मार्च निकाला। यहां दरी बिछाकर धरने पर बैठे किसान नारेबाजी करने लगे। जानकारी पर जिला कृषि अधिकारी बातचीत के लिए मौके पर पहुंचे।
किसानों ने उन्हें बताया कि पिछले दो साल से मानसून में बाढ़ आने से किसान तबाह हो चुके हैं। हर वर्ष लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। तराई क्षेत्र होने की वजह से जलस्तर अधिक रहता है।
जमीन दलदली होने से जिले के कई क्षेत्रों में गेंहू की फसल नहीं हो पाती है। इससे किसान के खर्च भी पूर नहीं हो पाते। ऐसे में किसान नुकसान की भरपाई करने के लिए साठा धान लगाते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन को साठा धान से प्रतिबंध को हटाना चाहिए।
जिला कृषि अधिकारी नरेंद्र पाल ने मक्का खेती करने का तर्क दिया तो किसानों ने मक्का बेचने के लिए मंडी न होने का सवाल उठाया। कहा कि स्थानीय स्तर पर मक्के की बिक्री की व्यवस्था न होने से लागत तक नहीं निकल पाती। करीब आधा घंटा तक चली बातचीत के बाद किसान अपने मांग पर अड़े रहे। इसके बाद डीएम को संबोधित ज्ञापन कृषि अधिकारी को सौंपा।
जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने कहा कि किसानों की मांग का निस्तारण नहीं किया गया तो यूनियन आंदोलन को और तेज करेगी। इस मौके पर संगठन के प्रदेश प्रवक्ता सुखजीत सिंह औलख, मंडल उपाध्यक्ष गुरजिंदर सिंह, जिला प्रभारी बलराम सिंह, तहसील अध्यक्ष जगविंदर सिंह, मनदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
शहर के कलक्ट्रेट में जाते भारतीय किसान यूनियन चढूनी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता।संवाद- फोटो : संवाद