पूरनपुर। खराब गन्ना लौटाने के विरोध में गन्ना किसानों ने चीनी मिल में हंगामा किया। मिल अफसरों का घेराव कर खरी-खोटी सुनाई। गन्ना भरे वाहनों को खाली होने में चार से पांच दिन लगने पर रोष व्यक्त किया। हंगामे के बाद गन्ने की जांच किए बिना ही इन वाहनों को मिल परिसर में प्रवेश दे दिया गया। खरीद केंद्रों से आने वाले एक वाहन के बाद 10 किसानों की ट्राॅलियों की तौल कराने का निर्णय लिया गया।
चीनी मिल गन्ना लेकर पहुंचे कई किसानों के गन्ना भरे वाहनों में अगौला, जड़ सहित और खराब कमियां बताकर शुक्रवार को कई गन्ना भरे वाहन लौटा दिए गए। इसके विरोध में किसानों ने भाकियू के प्रदेश सचिव स्वराज सिंह के नेतृत्व में चीनी मिल में हंगामा किया। हंगामा कर रहे किसानों का कहना था कि चीनी मिल अक्सर खराबी से बंद होती है। ऐसे में उन लोगों के गन्ना भरे वाहन चार से पांच दिन में खाली हो पा रहे हैं।
साफ-सुथरा गन्ना लाने के बाद चीनी मिल के अफसर गन्ना को खराब बताकर लौटा रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हंगामे की जानकारी पर पहुंचे चीनी मिल जीएम और सीसीओ ने किसानों को बताया कि चीनी मिल में साफ-सुथरा ही गन्ना लिया जाएगा। आक्रोशित किसानों का कहना था कि किसानों को बेवजह परेशान किया जा रहा है।
आक्रोशित किसानों ने इसके अलावा गन्ना खरीद केंद्रों से आए वाहनों को पहले तौलने, चीनी मिल के अक्सर खराबी से बंद होने पर कई दिन तक गन्ना के वाहन खाली न होने पर रोष व्यक्त किया। प्रदर्शन करने वाले किसानों में स्वराज सिंह, सर्वेश शुक्ला, विमल शुक्ला, सुंदरलाल, कंधईलाल, युद्धवीर सिंह आदि थे।
चीनी मिल जीएम टीपी पाल ने बताया कि बॉयलर ट्यूब और स्क्रेपर की खराबी से चीनी मिल दो दिन थोड़ी-थोड़ी देर के लिए बंद हुई थी। बताया कि साफ-सुथरा गन्ना ही लिया जाएगा।
आठ जनवरी तक खरीदे गए गन्ना का किया भुगतान
जीएम टीपी पाल ने बताया कि आठ जनवरी तक खरीदे गए गन्ने का 10.4 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में भेज दिया गया है। उन्होंने किसानों से साफ-सुथरा गन्ना चीनी मिल को आपूर्ति करने की अपील की।