पीलीभीत। तराई किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य तजिंदर सिंह विर्क ने कहा कि दिल्ली के बॉर्डर पर चल रहा किसान आंदोलन 378 दिन बाद कृषि कानून वापस होने के साथ ही स्थगित किया जा रहा है, पर संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल घटक दलों के किसान नेताओं ने अभी केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी को निर्दोष नहीं माना है। वे मंत्री को बर्खास्त करने की अपनी मांग पर मुखर रहेंगे।
तिकुनिया में 03 अक्तूबर 2021 को मंत्री के बेटे की गाड़ी ने जिन किसानों को कुचला था उन किसानों के साथ विर्क भी थे और गंभीर रूप से घायल हुए थे। वह एक महीने से अधिक समय तक मेदांता अस्पताल गुरुग्राम में भर्ती रहे। इलाज के बाद ठीक हो गए हैं। किसान आंदोलन स्थगित किए जाने का एलान हुआ तो शुक्रवार को सुबह हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि आंदोलन में 700 किसानों की जो शहादत हुई वह हम सबके लिए अपूर्णनीय क्षति है। किसानों ने अपने संयम, शौर्य और सूझबूझ से साबित कर दिया है कि वे अहिंसक तरीके से आंदोलन कर सकते हैं और जीत भी हासिल कर सकते हैं। कृषि कानून वापस होना किसानों की जीत है।
उन्होंने कहा कि तिकुनिया कांड पर किसान संगठनों की नजर बनी रहेगी। केंद्र सरकार ने किसानों की अधिकतर मांगों को मान लिया है लेकिन अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी की मांग को सरकार नेे नहीं माना है। जबकि केंद्रीय राज्यमंत्री घटना की साजिश में थे। उनका एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह धमकी देते नजर आते हैं। इस वीडियो के आने के आठ दिन बाद जब उनका बेटा ऐसी घटना करता है तो यह साजिश का हिस्सा ही लगता है लेकिन अभी मंत्री के खिलाफ चार्जशीट नहीं लगी है। चार्जशीट के लिए 90 दिन तक समय मिलता है। अब हम देख रहे हैं कि पुलिस मंत्री को बचाती या सही कार्रवाई करती है। जब तक चार्जशीट नहीं आती है तब तक टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं लेकिन किसान संगठन अपनी मांग पर मुखर रहेंगे। उनकी नजर में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किसानों पर हुए हमले की साजिश में थे। अगर निष्पक्षता के साथ जांच कराई गई तो सच सामने आएगा।