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नकली नोटों के धंधेबाज बाजार में खपा गए लाखों के नकली नोट

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पीलीभीत। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद नकली नोटों के धंधेबाजों का स्थानीय स्तर पर बड़ा रैकेट सक्रिय होने की बातें सामने आने लगी हैं। नकली नोट बनाने वालों ने अपने तंत्र के जरिये शहर के बाजार और आसपास इलाकों में लाखों के नकली नोट खपा दिए। नकली नोट बनाने वाले कोतवाली से महज चार सौ मीटर दूर किराना दुकान पर नौकरी करते थे। मगर, स्थानीय पुलिस उनका पता नहीं लगा पाई। इनके बनाए नकली नोट शहर बाजार में वर्षों से चल रहे हैं। नकली नोटों के चार धंधेबाजों में से एक तो अभी हाल ही में जेल से छूटकर आया था। उस पर नकली नोटों के तमाम पुराने मुदकमे भी दर्ज है। इस सबके बावजूद स्थानीय पुलिस नकली नोटों के काले धंधे से वर्षों तक बेखबर बनी रही।
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दिल्ली पुलिस ने 30 अगस्त को जहानाबाद थाना क्षेत्र परेवा वैश्य गांव में आढ़ती अकील अहमद और उसके दोस्त अजीम अहमद को आनंद बिहार इलाके से 1.20 लाख रुपये नकली नोट के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों की निशानदेही पर परेवा वैश्य के ही झोलाछाप अकील दर्जी को भी उठाया गया। बाद में पुलिस ने शुक्रवार को आवास विकास कॉलोनी में अकील दर्जी के दूसरे मकान पर छापा मारा। वहां से कट्टे भर में नकली नोट बरामद हुए थे। इसके बाद मोहल्ला गोपाल सिंह निवासी नितिन पटेल को भी दिल्ली पुलिस गल्ला मंडी से एक किराना की दुकान से उठाकर ले गई। नितिन पटेल 17 अप्रैल 2019 को नकली नोट बनाने के मामले में पकड़ा गया था। इसके साथ उसकी पत्नी और अन्य कई लोग भी पकड़े गए थे। ये सब नकली नोट छापने का काम करते थे। नितिन पटेल ने जेल से छूटने के बाद दोबारा से नकली नोट बनाने का धंधा शुरू कर दिया। फिर भी स्थानीय पुलिस उसके धंधे से अनजान बनी रही। झोलाछाप, आढ़ती और उसका दोस्त भी इसी गैंग में शामिल थे। आढ़ती, झोलाछाप और मुख्य आरोपी नितिन पटेल शहर की गल्लामंडी में एक किराना दुकान पर काम करते थे, जो कोतवाली से महज 400 मीटर की दूरी पर है। ड्रमंडगंज चौराहा पर पुलिस पिकेट भी रहती है, जहां से किराना की यह दुकान मात्र 100 मीटर की दूरी पर ही है। फिर भी स्थानीय पुलिस नकली नोट नहीं पकड़ पाई, जबकि कोतवाली की नाक के नीचे दिल्ली पुलिस आकर नकली नोट बनाने वालों को उठा ले गई। सूत्रों के मुताबिक नकली नोटों के धंधेबाज अब तक लाखों रुपये के नकली नोट बाजार में पहुंचा चुके हैं। उनका 50, 100, 200 और 500 रुपये के नकली नोट बनाने का धंधा कई साल पुराना है। बैंकों के एटीएम से भी नकली नोट निकल चुके हैं। आशंका है कि इन धंधेबाजों के बनाए नकली नोट भी एटीएम से निकले होंगे।
जेल से छूटने के बाद नहीं की मास्टर माइंड की निगरानी
नकली नोट का मास्टरमांइड नितिन पटेल के जेल से छूटने के बाद कोतवाली पुलिस ने उसकी निगरानी करना तो दूर कभी उसके मोहल्ले में जाकर पता तक नहीं किया। ऐसे मेें नितिन पटेल ने दोबारा से अपना गैंग तैयार नकली नोट का धंधा फिर शुरू कर दिया। जहानाबाद में आरोपियों के पकड़े जाने के बाद फिर से नितिन पटेल का ही नाम सामने आया। उसके पकड़े जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस को जानकारी नहीं हो सकी ।
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लालच देकर बाजार में चलवाते हैं नकली नोट
नकली नोट का धंधा करने वाले शातिर मास्टर माइंड बाजार में नकली नोट चलवाने के लिए नई पीढ़ी के युवाओं को अपने जाल में फंसाते थे। उन्हें लालच देकर बाजार में नकली नोट चलवाते थे। 2019 में यशवंतरी देवी मंदिर के मेले में एक युवक को नकली नोट के साथ पकड़ा गया था। तब उसने नितिन पटेल का नाम भी कबूला था। तब वह पकड़ा गया था। उसके बाद कोतवाली पुलिस गंभीर नहीं हुई।
सुनगढ़ी और कोतवाली पुलिस से नकली नोट के मामले में जानकारी मांगी गई है। पकड़े गए धंधेबाजों के अन्य साथी तो सक्रिय नहीं, इसका पता लगाने को टीमें लगा दी गई हैं। अगर कहीं पुलिस की मिलीभगत या लापरवाही निकलती है तो कार्रवाई कराएंगे। - वीरेंद्र विक्रम, सीओ सिटी
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