पीलीभीत। बूथों की वेबकास्टिंग के लिए लगाए गए बीएलओ ने मानदेय को लेकर रविवार को विरोध जताया। उन्होंने एक से ज्यादा बूथों पर ड्यूटी लगाने पर दोनों बूथों का मानदेय देने की मांग की। सीडीओ के सामने मामला पहुंचा। उन्होंने बमुश्किल समझाकर मामला शांत तो करा दिया, लेकिन करीब दो सौ बीएलओ ने ड्यूूटी करने से इनकार कर दिया।
जिले में कुल 1635 बूथ हैं जिनमें 60 फीसद की वेबकास्टिंग होनी है। इसके लिए एक एजेंसी को लगाया गया है। इन बूथों पर देखरेख की जिम्मेदारी बीएलओ को दी गई। रविवार को गांधी प्रेक्षागृह में ट्रेनिंग के बाद उनको कैमरे और ड्यूटी पत्र दिए गए। मानदेय को लेकर बीएलओ ने विरोध जताया। उनका कहना था कि पिछले चुुनाव में जितने बूथ पर ड्यूटी होती थी उतने का मानदेय मिलता था। इस बार एक बूथ का सात सौ रुपये दिए जा रहे जबकि ड्यूटी दो-दो बूथों पर लगा दी गई। उन्होंने दूसरे बूथ की ड्यूटी के लिए भी सात सौ रुपये दिए जाने की मांग की। वेबकास्टिंग कराने वाली एजेंसी इसपर तैयार नहीं थी। एक बीएलओ ने बताया कि बहुत कहने के बाद एजेंसी दूसरे बूथ का तीन सौ रुपये देने को तैयार हुई जिसपर कई बीएलओ समहत नहीं हुए। सीडीओ प्रशांत कुमार के सामने भी विरोध जताया। हालांकि उन्होंने सभी को समझाकर शांत कराया। बाद में करीब दो सौ बीएलओ ने कैमरा किट और ड्यूटी लेेने से मना कर दिया। आरोप लगाया कि उनकी ड्यूटी का पैसा एजेंसी हड़पना चाहती है। पूरा मानदेय नहीं तो ड्यूटी नहीं।
कई की सात किलोमीटर दूर लगा दी ड्यूटी
कई बीएलओ की एक से ज्यादा बूथों पर ड्यूटी लगी है। इनमें कई ऐेसे थे जिनके बूथ सात-सात किलामीटर दूर थे। हालांकि विरोध के बाद दो बूथों से कई की ड्यूटी हटा दी गई।