पीलीभीत। माता-पिता के एकलौते लाल कौशल को पता नहीं किसकी नजर लगी कि शादी के चंद दिन बाद ही दुनिया छोड़कर चला गया। पत्नी के हाथों की अभी मेंहदी भी नहीं छूटी पर पति की मौत ने मांग से सिंदूर पोछ दिया। उसे क्या पता था कि उसका ससुराल में घूमने नहीं बल्कि उसकी मौत वहां उसे ले जा रही है।
गजरौला थाना क्षेत्र के गांव शिवनगर निवासी अवधेश सिंह का कौशल सिंह एकलौता पुत्र है। वह बरेली के एक निजी कॉलेज में आईटीआई का छात्र है। एकलौते पुत्र की शादी के सपने संजोए, तो शाहजहांपुर के जैतीपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बैसरा बैसरी के मजरा नगरिया के रहने वाले दामोदर की पुत्री प्रियंका के साथ 28 नवंबर को धूमधाम से शादी की। इसके बाद बेटे और बहू के साथ अवधेश सिंह और उनकी पत्नी विदिश देवी की खुशियों को चार चांद लग गए। मगर उनकी इन खुशियों को किसी की नजर लग गई थी। 19 दिसंबर को कौशल सिंह नई नवेली दुल्हन को लेकर ससुराल घूमने गया था। 23 दिसंबर को उसे वापस आना था। इसी बीच ससुराल में सुसर और उनके पड़ोसियों के झगड़े में चली गोली ने कौशल की बुधवार को सुबह जान ले ली। इसकी सूचना जब पिता को सुबह साढ़े सात बजे मिली, तो उन पर दुखों को पहाड़ टूट पड़ा। किसी तरह बेटे की सुसराल पहुंचे। बुधवार को देर शाम सात बजे जब कौशल का शव गांव पहुंचा, तो कोहराम मच गया। कौशल का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को किया जाएगा।