पीलीभीत। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रहीं। चिकित्सकों की मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है। सोमवार को शिविर में पहुंचे दिव्यांग भटकते दिखे। कई बार कहने के बाद भी चिकित्सक ने रीढ़ दर्द से परेशान महिला का एक्सरे नहीं कराया।
सोमवार दोपहर 1:13 बजे जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर दूसरे मरीज से रोकर अपना दर्द बयां कर रही माधुरी ने बताया कि पीठ (रीढ़) में लंबे समय से दर्द है। कई बार दिखा चुके हैं। इस बार डॉक्टर से कहा कि एक्सरे लिख दो तो उन्होंने सिर्फ दवा लिखी और कक्ष से बाहर कर दिया।
लगातार दवाएं ही खा रहे कोई फायदा नहीं हुआ। एक्सरे लिखते तो कुछ पता चलता। लाइन में लगी गोदावरी ने बताया कि यह डॉक्टर एक्सरे लिखते ही नहीं। मजबूरी में बाहर से कराना पड़ता है।
पैरों से दिव्यांग को भेजा मनोरोग विभाग में ःदिव्यांगों के लिए प्रत्येक सोमवार को जिला अस्पताल के आयुष विंग में शिविर लगता है। इस बार शिविर ट्रामा सेंटर में लगने की बात कही गई। सुबह जब दिव्यांग आयुष विंग पहुंचे तो उन्हें ट्रामा सेंटर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने दिव्यांगों को दौड़ाया।
ट्रामा सेंटर के मनोराग कक्ष के बाहर बैठे पैरों से दिव्यांग अरविंद कुमार के तीमारदार ने बताया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास गए थे। उन्होंने यहां भेज दिया, जबकि समस्या पैरों से संबंधित है। कई अन्य दिव्यांग भी एक चिकित्सक से दूसरे के पास चक्कर काटते दिखे। सीएमएस डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि मामले की जानकारी कराएंगे। चिकित्सक को एक्सरे लिखना चाहिए था। जांच की जाएगी।