पीलीभीत। मैदानी और पहाड़ी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के बाद नदियों का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है। बृहस्पतिवार की दोपहर तक ड्यूनी डैम से 38,966 हजार क्यूसेक पानी पास होने से देवहा नदी उफना गई। इससे शहर और उससे सटे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। देर रात तक पानी का प्रवाह बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बाद ड्यूनी डैम में पानी का दबाव बढ़ गया। बृहस्पतिवार को सुबह से ही डैम से देवहा नदी में पानी पास किया जाने लगा। शाम पांच बजे तक 38,966 हजार क्यूसेक पानी पास होने से देवहा नदी उफनाने लगी। हालांकि डैम से पास किए गए पानी का असर देर रात तक शहर के निचले इलाकों में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इससे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
लगातार बढ़ रहे देवहा नदी के जलस्तर के बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। तहसील सदर की टीम ने शहर और आसपास के निचले इलाकों में पहुंचकर लोगों को नदी के किनारे न जाने समेत जरूरी सामान को सुरक्षित करने के प्रति जागरूक किया है।
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टकटकी लगाए रहे लोग, ब्रह्मचारी घाट पर दिन भर लगी रही भीड़
देवहा नदी में जलस्तर बढ़ने की जानकारी के बाद शहर के काफी लोग बृहस्पतिवार दोपहर ब्रह्मचारी घाट पहुंचे और पानी पर टकटकी लगाए रहे। शाम तक पानी बढ़ता गया है। हालांकि देर शाम तक शहर और आसपास कहीं जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं हो सकी है। राजस्व विभाग की टीम भी अलर्ट नजर आईं।
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इन इलाकों में बढ़ा बाढ़ का खतरा
देवहा नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद शहर के मोहल्ला बेनी चौधरी, खकरा, डालचंद, फीलखाना के अलावा पकड़िया नौगवा, ईदगाह रोड और शहर से सटे मीरापुर, चंदोई, नावकूड़, बेहरी गांव आदि स्थानों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
55 हजार क्यूसेक पर बिगड़ जाती है स्थिति
शहर से सटे इलाके से गुजरने वाली देवहा नदी में वैसे तो 35 हजार से अधिक पानी आने पर निचले इलाकों में जलभराव की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन 55 हजार क्यूसेक पानी पास होने के बाद स्थिति बिगड़ जाती है। पिछले साल आई बाढ़ के बाद देवहा नदी में 56 हजार क्यूसेक तक पानी पास हुआ था। जिसके बाद शहर के आधे हिस्से में जलभराव की स्थिति बदतर हो गई थी।