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घर वाले बोले फसलों के नुकसान के गम में हुई मौत

Tue, 14 Apr 2015 11:48 PM IST
बीसलपुर/पीलीभीत।
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गांव रंपुरा नौगवां निवासी किसान कृष्ण पाल गंगवार की मौत से घर में कोहराम मच गया है। मृतक के घर वालों का कहना है कि फसलों के नुकसान व कर्ज को चुकाने के गम में उनकी मौत हुई है।
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गांव निवासी कल्यान राय ने बताया कि पिता रोजाना खेतों में जाकर चौपट फसल को निहारते थे। उन्होंने तहसील कार्यालय में भी इसकी सूचना दी थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे वह और अधिक परेशान थे। सोमवार की शाम जब वह खेतों से वापस लौटे तो अधिक परेशान थे।

उन्हें इस बात का मलाल था कि वह अब बैंक का ऋण कैसे अदा करेंगे। खेत से लौटते ही उनकी हालत काफी खराब हो गई। रात खाना भी नहीं खाया था। घर के मुखिया की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।
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नुकसान का नहीं हुआ आकलन
बीसलपुुर। ग्राम प्रधान इंद्रवती गंगवार ने बताया कि ओला और अतिवृष्टि से उनके गांव के किसानों की फसलें चौपट हुई हैं। कई बार सूचना दी, लेकिन राजस्व विभाग ने मुआवजा देना तो दूर नुकसान का आकलन तक नहीं कराया है।
बीमारी से हुआ कृष्ण पाल का निधन  
बीसलपुर। तहसीलदार नन्हे लाल ने बताया कि गांव रंपुरा नौगवां निवासी कृष्ण पाल काफी समय से बीमार थे। बीमारी के चलते ही उनका निधन हुआ है। राजस्व विभाग की टीम गांव भेजी गई है, जो कृष्ण पाल और अन्य सभी किसानों के नुकसान का आकलन कर रही है।
लेखपाल रखता है फोन स्विच ऑफ
बीसलपुर। गांव रंपुरा नौगवां करीब तीन हजार आबादी वाला गांव है, जिसमें लगभग 300 किसानों के परिवार हैं। ओला और अतिवृष्टि से गांव के रोहिताष, सत्यवीर, सियाराम, रामस्वरूप, ज्वाला प्रसाद, रामसिंह, नेतराम, भूपराम, मिढ़ई लाल, ज्ञानचंद्र, सुम्मेर, राजसहित सभी किसानों का नुकसान हुआ। किसानों ने बताया कि उन्होंने हलका लेखपाल से कई बार संपर्क साधा, लेकिन हर बार लेखपाल का मोबाइल स्विच ऑफ निकला।
कर्ज अदा करने को लेकर चिंतित थे रामसहाय
शेरपुरकलां। फसल बर्बाद होने से गांव अभयपुर जमीमा जगतपुर निवासी किसान रामसहाय कर्ज अदा करने को लेकर काफी परेशान थे। सदमे से हुई उनकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया है।

गांव अभयपुर जमीमी जगतपुर निवासी सुनील कुमार ने बताया कि फसल बर्बाद होने से पिता रामसहाय काफी परेशान थे। फसल नष्ट होने के  कारण बैंक का कर्ज अदा करने के  लिए उनके पास कोई और रास्ता नहीं था। ऐसे में वह कर्ज कैसे अदा करेगा? इस दौरान उसके पिता की अचानक हालत खराब हो गई और उनकी मौत हो गई। किसान के परिवार में पत्नी रामबेटी, पुत्र सुनील कुमार, सुशील कुमार, पुत्री सुशीला है। दोनों पुत्रों और पुत्री की शादी हो चुकी है।
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किसान की मौत की सूचना किसी ने नहीं दी है। घर वालों को शव का पोस्टमार्टम कराना चाहिए था, फिर भी पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम पूरनपुर।
सदमे ने ले ली दो किसानों की जान 
बिलसंडा। बारिश से चौपट हुई फसल का सदमा किसान नहीं झेल पा रहे हैं। चार दिन पूर्व क्षेत्र के दो किसानों की इसी सदमे के चलते मौत हो गई थी। किसानों की मौत होने के बाद भी प्रशासन सजग नहीं हुआ। नतीजतन आज दो और किसानों की सदमे के कारण हार्टअटैक से मौत हो गई।

गांव लिलहर निवासी 60 वर्षीय कृषक हरनाम सिंह की मंगलवार की सुबह हार्टअटैक से मौत हो गई। उनके पुत्र सोमपाल सिंह ने बताया कि उसके चार एकड़ खेत में गेहूं की फसल खड़ी थी। सोमवार को कम्बाइन से कटवाने के बाद गेहूं घर लाया गया। चार एकड़ में महज 45 क्विंटल गेहूं निकलने पर वह सदमे में आ गए।

बैंक की लिमिट भी जमा करनी थी। इस चिंता में सुबह करीब छह बजे अटैक पड़ा। आनन फानन में उन्हें शाहजहांपुर के एक निजी अस्पताल ले गए जहां पर उनकी मौत हो गई। इस घटना से घर में कोहराम मच गया। उधर गांव भदेगकंजा निवासी 62 वर्षीय कृषक ओमप्रकाश की भी हार्टअटैक से मौत हो गई।

उनके पुत्र राजेश कुमार ने बताया कि उसके महज ढाई एकड़ खेत है जिसमें गेहूं की पैदावार महज 20 क्ंिवटल हुई। इतनी कम पैदावार की वजह से वह सदमे में आ गए और हार्टअटैक पड़ने से मौत हो गई। इन दोनों घटनाओं की सूचना राजस्व प्रशासन को परिजनों ने देने की बात कही।
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गांव लिलहर निवासी हरनाम सिंह और गांव भदेगकंजा निवासी ओमप्रकाश की मौत स्वाभाविक हुई है। फसल चौपट होने का अगर सदमा लगा होता तो मौत उसी वक्त हो जाती। डेढ़ माह बाद सदमे से मौत होने की बात गलत है। लेकिन फिर भी वह जांच कराएंगे।
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नन्हें लाल यादव, तहसीलदार, बीसलपुर
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