बरखेड़ा (पीलीभीत)। संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत के मामले में तीन वर्ष बाद कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हुई है। पिता की ओर से पुलिस ने पत्नी, ससुर समेत सात को नामजद करते हुए आठ लोगों पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के फूटाकुआं ताल्लुके कुरैइया गांव निवासी बिहारीलाल ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनके बेटे श्यामाचरन की शादी तिलहर (शाहजहांपुर) के मोहल्ला बिरिया बाबा निवासी शीला देवी से हुई थी। बेटे के ससुराल वाले कुछ दिन बाद ही गाजियाबाद जाकर रहने लगे थे। उन्हीं के साथ उनका बेटा श्यामाचरन भी अपनी पत्नी को ले जाकर रहने लगा। आरोप है कि ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर 22 अक्तूबर 2016 को श्यामाचरन वापस गांव आ गया। दूसरे ही दिन ससुराल वाले भी गांव आए और जबरन श्यामाचरन को गाजियाबाद ले गए। 28 अक्तूबर 2016 को श्यामाचरन का शव मिर्जापुर (शाहजहांपुर) के कापरपुर इलाके में पड़ा मिला था। पिता का आरोप है कि बेटे के ससुराल वाले कई दिनों से उसके हिस्से की जमीन पत्नी शीला देवी के नाम कराने का दबाव बना रहे थे। ऐसा न करने पर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद बेटे का शव कापरपुर इलाके में फेंक दिया गया। उनकी ओर से उसी वक्त पुलिस को तहरीर दी गई थी, मगर सुनवाई नहीं हुई। चार साल तक वह पुलिस अफसरों और थानों के चक्कर लगाते रहे। इसके बाद कोर्ट की शरण ली। इंस्पेक्टर कमल सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मृतक की पत्नी शीला देवी, ससुर बालकराम, साले नागेंद्र सिंह उर्फ नर सिंह, देवेंद्र, निगोही (शाहजहांपुर) के प्रेमनगर निवासी सुनील कुमार, राजीव, पतरासा कुंवरपुर (बरखेड़ा) गांव निवासी सोमपाल और अज्ञात पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामला कई साल पुराना है। इसलिए, गहनता से विवेचना कर तथ्य जुटाए जाएंगे। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।