पीलीभीत। प्रशासन की ओर से ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर जरूरी कार्य कराकर करोड़ों रुपये खपाए जा रहे हैं। इसके बावजूद जिले के कई हाईवे पर स्ट्रीट लाइटों के खराब रहने से रात में अंधेरे में डूब रहते हैं, जिससे ब्लैक स्पॉट के पास आए दिन हादसे हो रहे हैं। बावजूद, इसमें कोई सुधार नहीं किया जा रहा है। इन खामियों के कारण क्षेत्रीय लोगों में रोष भी है।
जिले से पीलीभीत-बस्ती नेशनल हाईवे के अलावा पीलीभीत-बरेली, अमरिया-सितारगंज हाईवे गुजरते हैं। हाईवे के मानकों के अनुसार, हाईवे पर आबादी और उसे सटे क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटें लगाने के आदेश हैं। इन हाईवे पर भी स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं, लेकिन कुछ समय जलने के बाद लंबे समय से अधिकांश हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। रात में गुजरने वाले वाहन सवारों को अंधेरा रहने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे के चलते हाईवे पर वाहन के खराब होने और अचानक छुट्टा पशु के आने की स्थिति में हादसे हो जाते हैं।
अमरिया कस्बे के निकट बंद पड़ीं करीब 290 स्ट्रीट लाइटें
अमरिया कस्बे से गुजर रहे सितारगंज नेशनल हाईवे पर करीब दो वर्ष पूर्व डिवाइडर पर स्ट्रीट लाइटें लगाई गईं। शुरुआती परीक्षण के बाद कुछ दिनों तक लाइटें जलीं, लेकिन बाद में उन्हें बंद कर दिया गया। शिकायतों के बाद एक सप्ताह के लिए व्यवस्था बहाल हुई, मगर फिर पूरा सिस्टम ठप हो गया। वर्तमान में तहसील गेट के सामने केवल एक-दो लाइटें ही जल रही हैं, जबकि कस्बे में लगभग 290 से अधिक स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं।
स्थानीय व्यापारियों ने संयुक्त रूप से तहसील दिवस में जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को कई बार ज्ञापन सौंपकर लाइटें ठीक कराने की मांग कीं। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मरम्मत के निर्देश भी दिए थे, लेकिन हालात जस के तस बने हैं। इसको लेकर लोगों में नाराजगी है। उन्होंने सुधार की मांग की है।
बालपुर पट्टी फ्लाई ओवर की आधी
से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें पड़ीं खराब
जहानाबाद-सितारगंज नेशनल हाईवे पर सफर करना इन दिनों खतरों से खाली नहीं रह गया है। हाईवे पर पिछले काफी समय से स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। इसके कारण शाम ढलते ही पूरा इलाका गहरे अंधेरे के आगोश में समा जाता है। रोशनी न होने की वजह से इस व्यस्त हाईवे से गुजरने वाले राहगीर आए दिन हादसों का शिकार हो रहे हैं। सबसे बुरी स्थिति बालपुर पट्टी फ्लाई ओवर की है। इस फ्लाई ओवर पर लगी आधी से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब हैं। रात के समय फ्लाई ओवर पर दृश्यता बेहद कम हो जाती है। इससे तेज रफ्तार वाहनों के आपस में टकराने या अनियंत्रित होने का खतरा हर पल बना रहता है। रात के समय हाईवे पर गाड़ी चलाना किसी चुनौती से कम नहीं है। मोड़ और छुट्टा पशु अचानक दिखाई नहीं देते। पीलीभीत-बरेली हाईवे पर ललौरीखेड़ा ब्लॉक क्षेत्र तक लगी कई स्ट्रीट लाइटें भी खराब पड़ी हैं।
हादसे के बाद सुधार नहीं
जहानाबाद हाईवे पर रात के समय कुछ माह पूर्व जहानाबाद कस्बे निवासी मुर्शिद अली व गौनेरी दान निवासी अलीशेर हादसे का शिकार हुए थे। पीलीभीत जाते समयपट्टी सिया बाड़ी के पास नील गाय से टकराकर मुर्शिद अली घायल हो गए थे, जबकि गौनेरी दान निवासी अलीशेर की मौत हो गई थी। वहीं, पूर्व में लालपुर निवासी सोनू गंगवार की भी अज्ञात वाहन से टकराकर मौत हुई थी। वहीं, अमरिया क्षेत्र में हाईवे डिवाइडर की ग्रिल टूटी होने के साथ ही अवैध कट भी हादसों को दावत दे रहे हैं।
पूर्व में जानकारी पर लाइटों को ठीक कराया गया था। बॉक्स केबल कई बार चोरी भी हो चुके हैं। अगर अब भी समस्या बनी हुई है तो इसको दोबारा दिखवाया जाएगा। - अश्वनी कुमार चौहान, अधिशासी अभियंता तकनीकी बरेली-सितारंगज नेशनल हाईवे
ललौरी खेड़ा ब्लॉक की बंद स्ट्रीट लाइट। संवाद
ललौरी खेड़ा ब्लॉक की बंद स्ट्रीट लाइट। संवाद
ललौरी खेड़ा ब्लॉक की बंद स्ट्रीट लाइट। संवाद