कलीनगर। किसानों की सुविधा के लिए शासन स्तर से नहरों की सिल्ट सफाई के लिए करोड़ों रुपये का बजट खर्च किया जाता है, लेकिन हकीकत में यह पैैसा कितना खर्च हुआ इसकी सच्चाई अब सामने आ रही है। दो महीने बाद पानी छोड़ते ही परसुरामपुर क्षेत्र में रजवाहा नहर फट गई। करीब बीस एकड़ फसल में पानी भर गया। जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के बाइफरकेेशन में नहरों का जाल है। यहां से हरदोई ब्रांच, खीरी ब्रांच के माध्यम से सहायक नहरों को निकला गया है। क्षेत्रीय किसानों को पानी की सुविधा देने के लिए हरदोई ब्रांच नहर के माध्यम से रजवाहा नहर को निकाला गया है। बारिश के चलते दो माह पूर्व से नहर को बंद किया गया था। इधर पानी की जरूरत पड़ने पर शुक्रवार को हरदोई ब्रांच के माध्यम से रजवाहा नहर में पानी छोड़ा गया। पानी छोड़ने के चंद घंटे बाद ही रजवाहा नहर कलीनगर क्षेत्र के परसुरामपुर क्षेत्र में फट गई
करीब बीस फिट दायरे में फटी नहर की पटरी से पानी का प्रवाह खेतों की ओर मुड़ गया। इससे किसानों की करीब बीस एकड़ फसल जलमग्न हो गई। हालांकि जानकारी लगने के बाद किसानों ने पानी को निकालने के तरीके अपनाए। इधर, जानकारी पर नहर विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और कट्टों में रेत भरकर मरम्मत के नाम पर औपचारिकताएं निभाई जाने लगी।
सिल्ट सफाई के बाद चार बार फट चुकी रजवाहा नहर - नहरों की मजबूती के लिए हर साल शासन स्तर से करोड़ों रुपये का बजट जारी किया जाता है। इस बार भी बजट मिलने के बाद देर से कार्य शुरू कर औपचारिकताएं निभाई गईं। सिल्ट सफाई की गुणवत्ता का इससे अंदाजा लगा जा सकता है कि चार माह पूर्व से सिल्ट सफाई के बाद रजवाहा नहर चार बार फट चुकी है। किसानों की मांग है कि सिल्ट सफाई के नाम पर बजट को ठिकाने लगे की जांच हो तो हकीकत सामने आ जाएगी।