पीलीभीत। जहानाबाद क्षेत्र के गांव रम्पुरा उझैनिया में पिछले दिनों एक मगरमच्छ गांव में घुस आया था। मगरमच्छ की सूचना पर कई ग्रामीण इकट्ठा हो गए। सूचना टाइगर रिजर्व और सामाजिक वानिकी को भी दी गई। जब कोई वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने मगरमच्छ को लाठी डंडों से पीटकर मार डाला। इस घटना को वन विभाग पूरी तरह से दबा गया। मगरमच्छ मारने का मामला किसी तरह लोगों के बीच पहुंच गया। मामले में जब सामाजिक वानिकी से जानकारी की गई तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। वन विभाग अब जांच कराने की बात कह रहा है।
जंगली सुअर के शिकार मामले में वसूला जुर्माना
पीलीभीत। अमरिया थाना क्षेत्र के गांव भरा पचपेड़ा में करीब दो माह पहले गेहूं के खेत में सुअर का सिर बरामद हुआ था। सामाजिक वानिकी के रेंजर सत्येंद्र चौधरी ने केस काटकर मामले की छानबीन शुरू की थी। दो माह बीतने के बाद सामाजिक वानिकी को सफलता मिल गई। सामाजिक वानिकी टीम ने अमरिया क्षेत्र के एसपी फार्म के मैनेजर रमेश कुमार को बृहस्पतिवार सुबह उसके घर से पकड़ लिया। पूछताछ की गई तो वह अपने तर्कों में उलझकर रह गए। सामाजिक वानिकी रेंजर सत्येंद्र चौधरी ने बताया कि जंगली सुअर के शिकार के मामले में रमेश कुमार से 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूलकर छोड़ दिया गया है।
जहानाबाद क्षेत्र में मगरमच्छ के साथ हुई घटना की जानकारी नहीं है। इस मामले की जांच की जाएगी। यदि घटना सही है तो आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी। जंगली सुअर के शिकार मेें एक व्यक्ति से जुर्माना वसूला गया है। - संजीव कुमार, डीएफओ, सामाजिक वानिकी