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प्रवासियों के आने से लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीज, सामुदायिक संक्रमण का खतरा बढ़ा

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पीलीभीत। जनपद में बाहर से आने वाले प्रवासियों के आने के बाद कोरोना संक्रमण के केस लगातार बढ़ रहे हैं। तमाम प्रवासी अपनी स्क्रीनिंग न कराकर सीधे गांव में जाकर रहने लगे। उनके संपर्क में आने की वजह से अन्य लोगों में भी कोरोना संकमण फैलने लगा है। जिस तरह एक-एक दिन में पहले दस और फिर आठ नए केस सामने आए हैं, उससे कस्बों और ग्रामीण इलाके में सामुदायिक संक्रमण का खतरा भी बढ़ने लगा है क्योंकि पिछले तीन दिन में 13 लोग तो बाहरी प्रवासियों के संपर्क में आने की वजह से कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
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जनपद में वर्तमान समय में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 76 पहुंच चुकी है। इनमें कोविड अस्पताल में भर्ती संक्रमितों की संख्या यानी एक्टिव केस भी 32 हैं। हालांकि इसमें राहत की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग की कठिन मेहनत से 43 कोरोना संक्रमित ठीक होकर अपने घरों में भी जा चुके हैं। मगर, बाहरी प्रवासियों के आने के बाद कोरोना संक्रमण केस मिलने में जिस तरह की तेजी आई है, उससे सामुदायिक संक्रमण फैलने की आशंकाओं को बहुत बल मिला है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बाहर से आने वाले प्रवासियों के होम कवारंटीन रहने के दौरान घूमने-फिरने या अनुशासन का पालन न करने से कोरोना केस बढ़े है। इससे कहीं न कहीं सामुदायिक संक्रमण का भी खतरा है। बरहा कॉलोनी में दिल्ली से लौटे संक्रमित युवक के संपर्क में आने से तीन दिन पूर्व 11 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। इनमें सात लोग संक्रमित युवक के साथ ही दिल्ली से आए थे।
पांच जून को ललौरीखेड़ा ब्लॉक के जिरौनिया गांव में दिल्ली से आए युवक से उसकी पत्नी और बेटा भी कोरोना संक्रमित हो गया। बाहरी प्रवासियों के लगातार संपर्क में आने की वजह से कोरोना संक्रमित हुए मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप है क्योंकि अब भी स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसी सुविधाएं नहीं हैं कि सामुदायिक संक्रमण की स्थिति में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से मिल सकें। इनके अलावा पूर्व में भी कई लोग संपर्क में आने से कोरोना पॉजिटिव हो चुके है। दिल्ली और मुंबई से आने वाले प्रवासियों में से कई लोग कोरोना संक्रमित निकल रहे हैं। असली परेशानी यह है कि तमाम प्रवासियों का तो पता ही नहीं चला और वे अपने घरों पर आकर रहने लगे हैं। संक्रमितों के संपर्क में आने वाले जिस तरह कोरोना पॉजिटिव निकल रहे हैं, उसे लेकर स्वास्थ्य विभाग में गहन मंथन चल रहा है।
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बाहर से आने वाले हर एक की होगी सैंपलिंग, होंगे क्वारंटीन
बाहर राज्यों से आने वाले प्रवासियों में अब तक पूल टेस्टिंग कराई जाती थी। इसमें अगर 10 लोग साथ में आते थे तो तीन का ही सैंपल लिया जाता था। लेकिन, बीते दिनों से लगातार प्रवासियों में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली और मुंबई के साथ अन्य राज्यों से आने वाले प्रत्येक प्रवासी का सैंपल कराने का निर्णय लिया है। अगर किसी में मौके पर ही कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा।
बाहर से आने वाले प्रवासियों के संपर्क में आने से कई अन्य लोग भी कोरोना पॉजिटिव हुए हैं। यहां तक कि संक्रमितों के परिवार वाले भी उनके संपर्क में आने से इसकी चपेट में आ गए। इसलिए अब बाहर से आने वाले प्रत्येक प्रवासी की सैंपलिंग कराई जाएगी। साथ ही उन्हें क्वारंटीन सेंटर में रखा जाएगा। - डॉ. सीमा अग्रवाल, सीएमओ
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