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पैमाइश करने गए तहसीलदार बरैंग लौटे

Sat, 01 Apr 2017 10:35 PM IST
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
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‌िवविवाद करते लाोग
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रामलीला मेला मैदान की पैमाइश को पुलिस टीम के साथ पहुंचे तहसीलदार को लोगों के विरोध के चलते बैरंग लौटना पड़ा। विरोध कर रहे लोग रामलीला मेला मैदान में गलत ढंग से नवनिर्माण होने का हवाला देकर उसे ध्वस्त कराने की मांग कर रहे थे। आक्रोशित लोगों ने समाधान दिवस में पहुंचकर एडीएम से नवनिर्माण को ध्वस्त कराने की मांग की। इसे लेकर एडीएम से नोकझोंक भी हुई। असंतुष्ट लोगों ने कोतवाली गेट पर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
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एडीएम अजयकांत सैनी के निर्देश पर शनिवार को तहसीलदार कुंवर बहादुर सिंह, नायब तहसीलदार सदानंद सरोज, पुलिस टीम को लेकर रामलीला मेला मैदान की पैमाइश को पहुंचे। इसकी भनक लगने पर एकत्र हुए रामलीला मेला बचाओ संघर्ष समिति के लोगों ने पैमाइश का विरोध शुरू कर दिया। राजस्व टीम रेलवे लाइन के समीप से पैमाइश करना चाहती थी, ताकि सही स्थिति स्पष्ट हो। विरोध कर रहे लोग मेला मैदान के एक नाले से पैमाइश कराने की मांग कर रहे थे। उक्त लोगों का कहना था कि रामलीला मेला मैदान की भूमि पर गलत ढंग से नवनिर्माण कर दुकानें बनाई गई हैं। पहले दुकानों को ध्वस्त किया जाए। इस विवाद की वजह से तहसीलदार टीम के साथ बैरंग समाधन दिवस में पहुंचे। इसके बाद विरोध कर रहे लोग भी वहां पहुंच गए और प्रशासन पर अतिक्रमणकारियों का पक्ष लेने का आरोप लगाने लगे। एडीएम का कहना था कि पैमाइश में सब कुछ स्पष्ट होगा, लेकिन विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि अब मेला मैदान की पैमाइश की बात कही जा रही है, जबकि मेला मैदान की भूमि पर गलत ढंग से निर्माण कर दुकानें बनाने संबंधी की गई शिकायत के बाद भी निर्माण कार्य नहीं रुकवाया गया। यह लोग अवैध रूप से बनाई गई दुकानों को ध्वस्त कराने की मांग कर रहे थे। इस बात को लेकर उनकी एडीएम से नोकझोंक भी हुई। आक्रोशित लोगों ने बाद में कोतवाली गेट पर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका चेयरमैन पर भी निर्माण को लेकर आरोप लगाया। उधर, संघर्ष समिति के लोगों का आरोप है कि डीएम ने रामलीला मेला मैदान की पैमाइश कराने को एडीएम और एएसपी को भेजा था। दोनों अफसर मौके पर न जाकर कोतवाली में समस्याएं सुनते रहे। कोतवाली में वार्ता को बुलाने के बाद उन लोगों की एक न सुनी गई।  
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विरोध करने वालों में यह थे शामिल
राजेश्वर मिश्रा, धर्मेंद्र सक्सेना, अंशू गुप्ता, नीशू प्रधान, डॉ. तेजबहादुर सिंह तेजू, सोनू आर्य, प्रदीप शुक्ला, ओमशर्मा, नरेश वर्मा, अनुराग मिश्रा, विष्णु वर्मा, आदित्य मोहन शर्मा, राहुल पांडेय, कमल शर्मा आदि थे।   
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