अब बदल रहा है पुलिस का रवैया
पीड़ित छात्रा ने बताया कि 21 नवंबर को घटना की जानकारी देने जब वह कोतवाली पुलिस गई तो पुलिस ने बेहद खराब बर्ताव किया था। जब से उसने मुख्यमंत्री के सामने आपबीती सुनाने का निर्णय लिया है तभी से पुलिस का रवैया बदला है। छात्रा ने बताया कि पुलिस उसके घर आई तो पुलिस ने अपने वाहन घर से काफी दूर छोड़े और महिला अधिकारी भी साथ थीं। अगर वह किसी वजह से पुरुष अधिकारी के सामने अपनी बात नहीं कहना चाहती है तो उसके लिए महिला अधिकारी का विकल्प था।
छात्रा ने कहा कि अगर पुलिस ने शुरुआती समय से इस तरह की संवेदनशीलता दिखाई होती तो दूसरी छात्राएं भी अब तक अपने बयान दे चुकी होतीं। छात्राओं के साथ कॉलेज परिसर और क्लास रूम तक में अश्लील वार्तालाप करने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ कई छात्राएं बयान देना चाहती हैं लेकिन पुलिस पर अभी उनका भरोसा नहीं जम सका है। आपसी बातचीत में कई छात्राओं ने प्रोफेसर की हरकतों की कलई खोली है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को भी जानकारी दी है।
अब 23 दिसंबर तक जिला जेल में रहेगा आरोपी
महिला महाविद्यालय का असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कामरान आलम खान 23 दिसंबर तक जिला जेल में रहेगा। जिला जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विजय कुमार के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने 14 दिन का न्यायिक रिमांड आगे बढ़ा दिया है। न्यायालय ने 23 दिसंबर 2021 तक की रिमांड बढ़ा दी गई है।