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अब लेजर ड्रोन कैमरे से होगी बाघ की तलाश

Thu, 07 Sep 2017 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  पीलीभीत।
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tiger - फोटो : amar ujala
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मुंबई से विशेषज्ञों दो सदस्यीय टीम पीलीभीत पहुंची
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खूनी बाघ पकड़ने के लिए अब तक की गई कोशिशें नाकाम होने पर अब वनविभाग ने तकनीकी सहयोग लेने का निर्णय लिया है। इसके तहत मुंबई से लेजर युक्त ड्रोन कैमरे के साथ विशेषज्ञों की दो सदस्यीय टीम पीलीभीत पहुंची है। शाम को क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद रात को बाघ की तलाश शुरू की जाएगी। वनसंरक्षक ने अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी जानकारी दी, साथ ही टीम के सदस्यों को वनकर्मियों से मिलवाया। 
अमरिया के हिमकनपुर और बेहरी गांव के मध्य खेत और देवहा नदी के आसपास घूम रहे बाघ को पकड़ने के लिए वनविभाग की टीमें पिछले 28 दिनों से प्रयास कर रही हैं, लेकिन कामयाबी नहीं मिली है। प्रयास विफल होते देख गड्ढा खोदकर बाघ को गिराने की योजना तैयार की गई, लेकिन गड्ढे में पानी की समस्या को देखते हुए योजना निरस्त कर दी गई। अब वनविभाग ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। बृहस्पतिवार को दोपहर टाइगर रिजर्व के सभागार में वनसंरक्षक वीके सिंह ने बैठक कर बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए अब लेजर कैमरे का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए मुंबई से आइडिया ड्रोन प्राइवेट लिमिटेड की दो सदस्यीय टीम पीलीभीत पहुंची है। वनसंरक्षक ने बताया कि प्रमुख मुख्य वनसंरक्षक से अनुमति के बाद कंपनी नि:शुल्क सेवाएं दे रही है। इस ड्रोन का प्रयोग रात में भी किया जा सकेगा। शाम को टीम क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का अध्ययन करेगी और रात को ड्रोन कैमरे का प्रयोग कर बाघ की तलाशी की जाएगी। 
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बाघिन के मूत्र का भी होगा प्रयोग 
वनसंरक्षक वीके सिंह ने बताया कि लेजर ड्रोन के साथ मचान के आसपास बाघिन के मूत्र का छिड़काव कराया जाएगा। उन्होंने बताया क्षेत्र में घूम रहा बाघ नर प्रतीत हो रहा है। बाघ का बाघिन की ओर आकर्षित होना प्राकृतिक है। ऐसे में प्रयास किया जा रहा है बाघिन के मूत्र की बदबू आने पर बाघ मचान के आसपास आ सकता है।
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