पति शराब पीकर करता था मारपीट, आरोपी घर से फरार
दो साल पहले मिथलेश ने की थी कोर्ट मैरिज
जहानाबाद थाना क्षेत्र के गौनेरीदान गांव में हुई घटना
गौनेरीदान गांव में 25 वर्षीय विवाहिता मिथलेश पत्नी गंगाचरन का शव बृहस्पतिवार सुबह घर में लटका मिला। सूचना मिलने पर मायके वाले मौके पर पहुंचे तो विवाहिता के ससुराल वाले घर से फरार हो गए। मायके वाले ने विवाहिता की हत्या का आरोप ससुराल वालों ने लगाया है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
बरेली के देवरनिया थाना क्षेत्र के मनुनागर गांव निवासी लालता प्रसाद की 25 वर्षीय बेटी मिथलेश ने दो साल पहले जहानाबाद इलाके के ग्राम गौनेरीदान के गंगाचरन उर्फ नन्ने से प्रेम विवाह किया था। उनके दस महीने की बेटी गुड़िया है। मायके वालों का आरोप है कि गंगाचरन शरीब पीकर मिथलेश को पीटता था। उसी गांव में मिथलेश के ननिहाल के रिश्तेदार रहते है। उन्होंने कई बार दोनों पक्षों के बीच सुलह कराई। बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे मिथलेश के घर उसकी मामी सुनीता देवी गईं परिवार के सारे लोग परेशान खड़े दिखाई दिए। उनके पूछने पर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। सुनीता देवी अंदर कमरे में गईं तो मिथलेश का शव दुपट्टे के सहारे छत के कुंडे पर लटका था। कोहराम मचने पर गांव वालों की भीड़ जमा हो गई। इसका पता लगने पर मायके वाले भी पहुंच गए। सूचना मिलने पर जहानाबाद इंस्पेक्टर इंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। सिटी मजिस्ट्रेट राजितराम प्रजापति, सीओ सदर निशांक शर्मा ने भी मौका मुआयना किया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
जिसके लिए घर छोड़ा, वही बना गया मौत का जिम्मेदार
दो साल पहले मिथलेश ने गंगाचरन से किया था प्रेम विवाह
जीवनसाथी चुनते समय मिथिलेश ने अपने मन में जाने क्या-क्या सपने संजोए थे। मगर प्रेमी को पति बनाने के कुछ दिन बाद ही उसके सारे सपने चकनाचूर हो गए। कोर्ट मैरिज करने के कुछ दिनों बाद ही पति मारपीट करने लगा। मिथलेश को प्रेम विवाह की कीमत अपनी जान देकर चुकाने पड़ी।
मामा हरीश कुमार का घर और मिथलेश की ससुराल आसपास हैं। ननिहाल में आने जाने के दौरान मिथलेश और गंगाचरन की के बीच दोस्ती हो गई, जो कुछ ही दिनों में मोहब्बत में बदल गई। मामा हरीश ने बताया कि करीब दो साल पहले दोनों की शादी तय कर दी गई थी। तय की गई तिथि से पहले ही दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली। दोनों परिवारों के बीच इसको लेकर अनबन भी रही, लेकिन बाद में सुलह हो गई। शादी के बाद गंगाचरन का आए दिन नशे में मारपीट करता। इससे मिथलेश काफी परेशान रहती थी। तीन माह पूर्व मारपीट को लेकर दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई थी। मगर गंगाचरन नहीं बदला और परिवार वालों के साथ मिलकर मिथलेश की हत्या कर दी।
मौके के हालात मिथलेश की हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। उसके शरीर पर चोटों को निशान तो नहीं थे, लेकिन उसके पैर जमीन से टिके हुए थे। इसे मायके वालों के साथ पुलिस भी शुरूआती छानबीन में मामला हत्या ही मान रही है।
शव पर कोई चोट का निशान नहीं हैं। प्रथम दृष्टा मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। - निशांक शर्मा, सीओ सदर