मजिस्ट्रेट को दिए बयान में सिर्फ पिता पर लगाया रेप का आरोप
बयान के आधार पर अग्रिम कार्रवाई का रुख तय करेगी पुलिस
दिव्यांग किशोरी ने अपने साथ दुराचार के मामले में भाई का नाम नहीं लिया। मजिस्ट्रेट को दिए बयान में दिव्यांग किशोरी ने सिर्फ पिता का जिक्र किया है। पुलिस उसके बयान के आधार पर अग्रिम कार्रवाई का रुख तय करने में जुट गई है।
बता दें कि कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक चौदह वर्षीय दिव्यांग किशोरी से दुराचार करने और उसे गर्भवती बनाने के आरोप में उसके भाई और पिता के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था। बड़े भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि उसका भाई फरार है। पीड़िता के मजिस्ट्रेट को दिए बयान में सिर्फ पिता पर आरोप लगाने की बात सामने आई है। इसके बाद भाई की तलाश में जुटी कोतवाली पुलिस अब अफसरों से अग्रिम कार्रवाई के लिए विचार विमर्श कर रही है। सीओ सिटी निर्मल कुमार विष्ट ने बताया कि किशोरी के मजिस्ट्रेट को दिए बयान में भाई को शामिल न करने की बात कोतवाली पुलिस ने बताई है। बयान की कॉपी मंगाई है, उसको पढ़कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।