क्षेत्र के गांव घुरी खास निवासी 50 वर्षीय नरवीर कश्यप की शुक्रवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई है। घरवालों का कहना है कि फसली नुकसान के गम में मौत हुई है। इसी के साथ जिले में फसल नुकसान के सदमे से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 17 हो गई है।
गांव घुरी खास निवासी कालीचरन ने बताया कि उनके बड़े भाई नरवीर के नाम 4.5 बीघा जमीन है। इसमें गेहूं की फसल थी। ओला और अतिवृष्टि से सारी फसल बर्बाद हो गई है। जिसका नरवीर को काफी गम था। नरवीर ने तहसील कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर मुआवजा दिलाने की मांग की थी, लेकिन मुआवजा मिलना तो दूर अभी तक सर्वे भी नहीं हुआ है।
इससे नरवीर काफी मायूस हो गया था। कालीचरन ने बताया कि इसी गम में उनके भाई की शुक्रवार को मौत हो गई। इस घटना से घर में कोहराम मच गया है। मृतक के भाई कालीचरन, रंजीत, उमेश, पुत्र रामगोपाल, छोटेलाल, अजय पाल, पुत्री रामलली और फूलमती का रोते-रोते बुरा हाल हो रहा है।
दो किसानों की हालत बिगड़ी
बीसलपुर। गांव अर्जुनपुर के दो किसानों की तबीयत शुक्रवार को काफी खराब हो गई है। किसानों का कहना है कि फसली नुकसान के कारण उनकी तबीयत खराब हुई है।
अर्जुनपुर निवासी वेगराज और ईश्वरी प्रसाद के पास डेढ़-डेढ़ एकड़ जमीन है। इस पर गेहूं की फसल थी। दोनों सगे भाई हैं। ओला और अतिवृष्टि से सारी फसल चौपट हो गई है। दोनों भाईयों ने गेहूं की फसल पैदा करने के लिए बैंक से केसीसी के माध्यम से 52 हजार रुपये का ऋण भी ले रखा है। फसल चौपट हो जाने के कारण ऋण अदायगी के आसार खत्म हो गए और घरेलू व्यवस्थाएं भी बिगड़ने की स्थिति पैदा हो गई। शुक्रवार को दोनों भाई खेत देखने गए और उनकी तबीयत खराब हो गई। दोनों भाइयों का कहना है कि फसल बर्बाद होने के कारण उनकी तबीयत खराब हुई है। दोनों भाइयों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
बीमारी से हुई नरवीर की मौत
तहसीलदार नन्हे लाल ने बताया कि फसल नुकसान के ग़म में न ही गांव घुरी खास के नरवीर की मौत हुई है और न ही गांव अर्जुनपुर निवासी वेगराज, ईश्वरी प्रसाद की हालत बिगड़ी है। नरवीर की मौत बीमारी के चलते हुई है। गांवों का सर्वे कराया जा रहा है और पीड़ितों को मुआवजा बांटा जा रहा है।