माला रेंज से निकलकर एक चीतल शनिवार सुबह गांव पहुंच गया। यहां उसे कुत्तों ने घेर कर हमला कर दिया। ग्रामीणों द्वारा बचाव करने पर घायल चीतल गांव से जंगल की ओर भाग लेकिन कुत्तों के पीछा करने से वह कुछ दूर जाकर गिर गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वनविभाग को दी। इस पर वनरक्षक राम सिंह मौके पर पहुंचे लेकिन तब तक उसकी मौत को चुकी थी। चीतल के शव को पीलीभीत शहर स्थित पशुचिकित्सालय लाया गया। यहां मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीके मलिक की मौजूदगी में पशु चिकित्सकों ने उसका पोस्टमार्टम किया। इसमें चीतल की मौत अत्याधिक खून बहने से होना पाया गया। यहां बता दें कुछ दिन पूर्व जराकोठी के निकट निगोही ब्रांच में अलग अलग स्थानों पर चीतल के दो शव मिले थे। वहीं शुक्रवार को माधोटांडा के निकट स्थित खारजा नहर में भी चीतल के शव मिलने की सूचना वनविभाग को मिली थी जबकि वनविभाग की टीम शव न मिलने का दावा कर रही है। जिले में चीतल की मौत की यह चौथी घटना है।
चीतल को गांव के कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया था। उसे बचाने का प्रयास भी किया गया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। पोस्टमार्टम के बाद शव को जला दिया गया है।
डीके सिंह, वनक्षेत्राधिकारी, माला
बाइक की टक्कर से चीतल घायल
पीलीभीत। पीलीभीत माधोटांडा मार्ग पर मथना जप्ती गांव के निकट सड़क पार करते समय एक चीतल बाइक से टकरा गई। इसमें बाइक सवार दंपति के साथ चीतल भी घायल हो गई। सूचना पर माला रेंज के स्टाफ ने मौके पर पहुुंचकर चीतल को कब्जे में लिया और पीलीभीत लाकर उपचार कराया। शाम को स्थिति में सुधार होने पर चीतल को जंगल में छोड़ दिया। वनक्षेत्राधिकारी डीके सिंह ने बताया चीतल मामूली रूप से घायल हो गया था। प्राथमिक उपचार के जंगल में छोड़ दिया है।