स्वाट-सर्विलांस टीम की मदद से अमरिया पुलिस को मिली सफलता
नकब लगाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देकर अमरिया पुलिस की नींद उड़ाने वाले छह शातिर चोर आखिर कार पुलिस की गिरफ्त में आ गए। स्वाट-सर्विलांस टीम की मदद से पुलिस ने उनकी धरपकड़ करने के साथ ही नकदी-जेवरात के अलावा किराना दुकान से चोरी कुछ सामान भी बरामद किया है। सीओ सदर ने थाना अमरिया पहुंचकर पुलिस के गुडवर्क की सराहना करते हुए खुलासा किया है।
पिछले कई दिनों से चोर अमरिया क्षेत्र को निशाने पर लेकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे। इसकी रिपोर्ट दर्ज करने के बाद एसपी बालेंदु भूषण सिंह ने अमरिया थानाध्यक्ष संदीप तोमर के अलावा स्वाट टीम प्रभारी नरेंद्र यादव, सर्विलांस प्रभारी रेहान खां को भी टीम के साथ सुरागरसी में लगाया था। जिसके बाद शनिवार को आखिरकार पुलिस की टीमें वर्कआउट तक पहुंच गई। पुलिस ने कस्बा अमरिया के निवासी सलमान, मुख्तियार हुसैन, माजिद, दिलशाद, मकदूम और रिजवान को धर दबोचा। थाने लाकर पूछताछ की गई, जिसके बाद पांच नवंबर को जिला सहकारी बैंक में नकबजनी कर चोरी की कोशिश, सात नवंबर को नन्ही देवी के मकान से हुई चोरी और नौ नवंबर को किराना दुकान से हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा हो सका। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने सरसों के तेल के पांच टिन, 11 बंडल बीड़ी, दो बंडल गुटखा, चार बंडल तंबाकू, पायल, अंगूठी और 9500 रुपये बरामद किए। शनिवार दोपहर को सीओ सदर योगेंद्र कुमार ने अमरिया थाना पहुंचकर प्रेसवार्ता कर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपी शातिर किस्म के हैं। यह गिरोह बनाकर वारदातों को अंजाम दिया करते थे। इनका आपराधिक इतिहास जुटाने के साथ ही कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
दस लाख की चोरी बनी चुनौती
पुलिस भले तीन घटनाओं का खुलासा कर राहत महसूस कर रही हो, लेकिन वर्कआउट के बावजूद अभी मुश्किलें कम नहीं हो सकी है। बरेली-हरिद्वार नेशनल हाईवे पर सराफा की दुकान से नकब लगाकर दस लाख के जेवरात समेटने वाले चोर हत्थे नहीं चढ़ सके है। उसको अंजाम देने वाले अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। उनकी धरपकड़ न होना भी शुभ संकेत नहीं कहा जा सकता।