पीलीभीत। पुलिस भले ही लोगों को सुरक्षा देने का वादा कर रही हो, मगर धरातल पर कुछ और ही दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को अवैध खनन की जांच करने गई राजस्व टीम पर हमला किया गया था। सदर तहसीलदार ने रात में ही रिपोर्ट दर्ज करा दी, मगर पुलिस 24 घंटे बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई।
गजरौला क्षेत्र में राजस्व टीम शुक्रवार को अवैध खनन की जांच करने गई थी। टीम में सदर तहसीलदार, क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक और लेखपाल शामिल रहे। जब लेखपाल ने जांच शुरू की, तो ट्रैक्टर चालक भागने लगे। इस पर टीम ने पीछा कर तीन ट्रैक्टरों को पकड़ लिया। इसके बाद जेसीबी का पीछा कर उसे भी रोक लिया गया। इसी दौरान अचानक स्कार्पियो गाड़ी से कुछ लोग पहुंच गए और टीम पर हमला कर दिया। राजस्व निरीक्षक की पिटाई कर दी। तहसीलदार के अर्दली का मोबाइल छीनकर नहर में फेंक दिया और जेसीबी को टीम के कब्जे से छुड़वाकर भगा दिया। तहसीलदार राजेश कुमार शुक्ला ने रात को ही अरविंद और उसके दोनों पुत्रों समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। रात में ही गजरौला थाने में सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार भी पहुंच गए थे। पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली। इसके बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। नतीजतन 24 घंटा बाद भी राजस्व टीम पर हमला करने वाले आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। इससे पुलिस की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिह्न लग रहा है।
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आरोपी फरार हैं। जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
- सुनील दत्त, सीओ सिटी
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क्षेत्र के कई गांवों में अवैध खनन की शिकायतें मिली थी। टीम बनाकर सभी स्थानों की जांच कराई जा रही है। पुलिस अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी क्यों नहीं कर पाई। इस संबंध में जानकारी की जाएगी।
- राजेश कुमार शुक्ला, सदर तहसीलदार