पीलीभीत। बिटिया से दरिंदगी के मामले में खुलासे के लिए रोजाना पुलिस लोगों को हिरासत में ले रही है। थाने में पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाता है। कई युवकों पर पुलिस ने थर्ड डिग्री का प्रयोग किया, इनमें दो युवकों के शरीर पर थर्ड डिग्री के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं। हालांकि सख्ती से पूछताछ बाद जब पुलिस को सुराग नहीं मिला, तो उन्हें छोड़ दिया गया। थर्ड डिग्री से जब केस खुलने में मदद नहीं मिली तो पुलिस ने अब अधिक से अधिक लोगों से बातचीत का तरीका अपनाया है और बातों-बातों में खुलासे के लिए अहम बात निकालने का प्रयास है।
पुलिस जल्दी खुलासे के लिए पुलिस की टीमें हर संभव प्रयास कर रहीं है। पीड़िता के गांव से 16 नवंबर की शाम को एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया था। उसे अगले दिन छोड़ गया है। पुलिस हिरासत से छूटे युवक ने बताया कि पूछताछ से पहले उसे खाना खिलाया, फिर लात घूसों से पिटाई कर घटना को लेकर पूछताछ की। कई घंटे तक पूछताछ के दौरान कई बार पिटाई भी की। इसके बाद अगले दिन छोड़ दिया। पीड़िता के ही गांव के एक युवक ने बताया कि उसको दो भाइयों को पुलिस पूछताछ के लिए ले गई, मगर अभी तक नहीं छोड़ा। थाने मिलने गए, तो मिलने भी नहीं दिया। उसने कहा कि यह कहां का नियम है? पूछताछ के नाम पर किसी पर भी पुलिस थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर दे। युवक ने कहा कि उसके दो भाई किस हाल में हैं? उसे नहीं पता है। पुलिस दो दिन से मिलने भी नहीं दे रही है।
पूरा गांव दहशत में है। लोगों ने घरों से निकलना कम कर दिया है। वहीं एक अधेड़ व्यक्ति ने बताया कि पुलिस दो दिन पहले पूछताछ के लिए ले गई थी। इसके बाद बेरहमी से पिटाई की। घटना भी कुबूल कराना चाहती थी, मगर मना कर दिया। इसके बाद खूब पिटाई की। चोट के निशान दिखाते हुए रुआंसे होते हुए उसने पूछा- साहब मेरा क्या कुसूर क्या था। जो पुलिस ने इतनी बेहरमी से पिटाई की। इसको लेकर जब प्रशासनिक और पुलिस अफसरों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो अफसरों के नुमाइंदों ने साहब बिजी हैं? कहकर टाल दिया।