बरखेड़ा/पीलीभीत। हैवानियत का शिकार हुई बिटिया का अंतिम संस्कार सोमवार को सुबह 8.45 पर पुलिस की मौजूदगी में कर दिया गया। पुलिस ने तड़के ही अंतिम संस्कार को लेकर सामान एकत्र करना शुरू कर दिया था। अंतिम संस्कार के दौरान सभी की आंखें नम रहीं। बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
बरखेड़ा के गांव में शनिवार को दरिंदगी का शिकार हुई बिटिया के अंतिम संस्कार को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। पोस्टमार्टम से शनिवार को शव आने से पहले ही गांव के रास्ते पर कई स्थानों पर फोर्स लगा दिया था। शाम को शव आने के बाद परिजन ने रात होने की बात कह अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इससे पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। इसकी सूचना मिलने पर रात आठ बजे डीएम पुलकित खरे और एसपी गांव पहुंचे। पीड़ित परिवार के साथ एकांत में बैठकर करीब दो घंटे वार्ता की। परिवार वालों ने नौकरी, आर्थिक मदद और जल्दी खुलासे की मांग की। दोनों अफसरों ने परिवार की बात मानने के साथ ही जल्द पूरी कराने का आश्वास दिया। इसके बाद साढ़े 11 बजे आईजी रमित शर्मा, डीएम और एसपी के साथ फिर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उनके सामने भी मांगों को दोहराया गया। आईजी ने भी जल्द ही मांग पूरी कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद सोमवार को भोर में ही पुलिस कर्मी अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए। आठ बजे शव को लेकर परिजन अंतिम संस्कार के लिए निकल पड़े। पौने नौ बजे परिजन ने अंतिम संस्कार कर दिया। अंतिम संस्कार के दौरान एसपी दिनेश कुमार पी, एडीएम केबी सिंह, एएसपी डॉ. पवित्र मोहन त्रिपाठी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात रहा।